मेयर ने शहर के सेटेलाइट, जाटवपुरा और जगतपुर का किया निरीक्षण
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तीनों ठेकेदारों के भुगतान रोके, कहा कि एक सप्ताह में चमकने चाहिए नाले
बरेली। प्रभारी मंत्री की फटकार के बाद नगर निगम में नाला सफाई कार्य में तेजी आ गई है। गुरुवार को मेयर उमेश गौतम ने स्वास्थ्य और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए। कहा कि नालों में कूड़ा कहां फंस रहा है और उसे कहां से निकाला जा सकता है। इसके स्थान चिन्हित कर एक सप्ताह के अंदर बताएं। इसके बाद उन्होंने शहर के तीन बड़े नालों का निरीक्षण किया। यहां काम ठीक न मिलने पर तीनों ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगा दी है।
बुधवार को समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने नाला सफाई के कार्य में लापरवाही बरतने पर नगर निगम के अधिकारियों की फटकार लगाई थी। कहा था कि बरसात से पहले आप लोग नाले की सफाई कर नहीं पाएंगे और उसके बाद फिर दिक्कतों से शहर के लोगों को जूझना होगा। उसके दूसरे दिन ही नगर निगम नाला सफाई को लेकर अलर्ट दिखा। मेयर उमेश गौतम ने सेटेलाइट, जाटवपुरा और जगतपुर नाले का निरीक्षण किया। यहां नाले की सफाई से मेयर संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने तीनों ठेकेदारों के भुगतान पर रोक लगा दी है। कहा कि एक सप्ताह के अंदर सभी नाले चमकने चाहिए। उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। मेयर ने कहा कि यदि किसी नाले की पुलिया या दीवार टूटी है तो उसकी अभी तत्काल मरम्मत कराई जाए। वहीं यदि किसी नाले में कोई पेड़ उग रहा है तो उसे काटा जाए जिससे पानी के बहाव में कोई अवरोध पैदा न हो। मेयर ने कहा कि पर्यावरण व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ भी नाला सफाई के संबंध में बैठक कर उन्हें जरूरी निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी की लापरवाही होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने बताया कि कुल 155 नालों में 140 नालों की सफाई हो गई है।
लोगों से अपील नाली में न डालें कूड़ा
निरीक्षण के दौरान मेयर उमेश गौतम ने आम लोगों और दुकानदारों से भी सड़क और नाली में कचरा नहीं फेंकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रोजाना नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा वाहन लेकर क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। उन्हें घर और दुकान से निकलने वाला कूड़ा दें। नाली और सड़क पर जहां-तहां कूड़ा न फेंकें, इससे सफाई कर्मचारियों को भी दिक्कत होती है। लोगों को भी समस्या होगी।