बरेली। दीपावली और छठ पूजा के बाद कामगारों की वापसी शुरू होने के साथ ही पूर्वांचल और बिहार की ओर से आने वाली ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। हालांकि, दिल्ली, पंजाब, जम्मू, उत्तराखंड आदि राज्यों से पूर्वांचल व बिहार की ओर जाने वाली गाड़ियों पर यात्रियों का दबाव कुछ कम हुआ है।
बृहस्पतिवार को पूर्वांचल और बिहार से आने वाली गाड़ियां ठसाठस रहीं। कई ट्रेनों में तो आरक्षित श्रेणियों की स्थिति भी सामान्य जैसी दिखी। आरक्षित टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की। इस बीच रेलवे ने सीमित फेरों के लिए चार और ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। पूर्वांचल व बिहार की ओर से आने वाली कुछ गाड़ियों में सामान्य श्रेणी के अतिरिक्त कोच भी लगाए जाएंगे।
त्योहार के सीजन में बरेली होते हुए रेलवे 80 से ज्यादा विशेष गाड़ियों का संचालन कर रहा है। इसके अलावा अप-डाउन 98 से ज्यादा नियमित ट्रेनें संचालित हो रही हैं। विशेष ट्रेनों के कारण रेलखंडों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में गाड़ियां लेटलतीफी का शिकार हो रही हैं। बृहस्पतिवार को 30 से ज्यादा ट्रेनें लेटलतीफी का शिकार रहीं। 05024 कटिहार विशेष ट्रेन आठ घंटे देरी से आई। 03312 चंडीगढ़-दरभंगा विशेष ट्रेन ने सात घंटे इंतजार कराया।
04602 फिरोजपुर-समस्तीपुर और 04015-16 समस्तीपुर-आनंद विहार विशेष ट्रेनें चार-चार घंटे देरी से आईं। नियमित गाड़ियों में 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, 22355 चंडीगढ़ सुपरफास्ट, 13006 अतृतसर-हावड़ा मेल, 12372 बीकानेर-हावड़ा सुपरफास्ट, 14004 मालदा टाउन एक्सप्रेस, 12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस, 12352 अर्चना एक्सप्रेस, 12212 गरीब रथ एक्सप्रेस, 22420 सुहेलदेव एक्सप्रेस, 12328 उपासना एक्सप्रेस, 13019 बाघ एक्सप्रेस, 22453 राज्यरानी एक्सप्रेस समेत 30 से ज्यादा गाड़ियां लेटलतीफी का शिकार रहीं।