बरेली। शहर में लगने वाले अवैध होर्डिंग और बैनर के बाद यूनीपोल भी हटने लगे हैं। पहले दिन नगर निगम ने चार अवैध यूनीपोल हटाए। हालांकि यूनीपोल अभियान के प्रारंभिक चरण में ही पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उन एजेंसियों के ही यूनीपोल हटाए जा रहे हैं जिनसे सेटिंग नहीं हो पाई है। खास एजेंसियों के यूनीपोल बिना परमीशन भी जानकर छोड़े जा रहे हैं।
अमर उजाला ने 11 दिसंबर 2015 से शहर में अवैध होर्डिंग, बैनर और यूनीपोल के खिलाफ अभियान चलाया था। इसमें 85 वैध यूनीपोल की आड़ में दो सौ से ज्यादा अवैध यूनीपोल और 104 वैध होर्डिंग की आड़ में चार हजार से ज्यादा होर्डिंग लगे होने की जानकारी भी दी गई थी। अभियान आखिर रंग लाया। पहले होर्डिंग और बैनर हटाए गए। सहायक नगर आयुक्त विकास सेन (अतिक्रमण प्रभारी) ने बुधवार से बिना अनुमति लिए लगाए गए यूनीपोल हटवाने का अभियान शुरू कर दिया। पहले दिन एलन क्लब मंडी के सामने, चौकी चौराहा से पहले डेलापीर मंडी के निकट और सौ फुटा रोड पर अनाधिकृत चार यूनीपोल हटवाए। बताया गया कि चार अवैध यूनीपोल में तीन विपिन अग्रवाल और एक ग्रांट फर्म का था। चारों यूनीपोल को जब्त कर लिया गया है। इसके साथ ही अवैध यूनीपोल लगाने वाली एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है। शहर में दो दर्जन से ज्यादा विज्ञापन एजेंसियों ने कम यूनीपोल की परमीशन लेकर दो या तीन गुने तक अवैध यूनीपोल लगा लिए। इतना ही नहीं, शहर में चार हजार से ज्यादा अवैध होर्डिंग और बैनर भी लगे हैं। इनको हटाया नहीं जा रहा है। अब तक विज्ञापन का अघोषित तौर पर चार्ज सहायक मोहर्रिर रामसिंह जाटव के पास था। इनके संरक्षण में ही अवैध यूनीपोल और होर्डिंग बैनर का कारोबार फला फूला। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि बिना अनुमति लिए लगाए गए यूनीपोल हटवाने का अभियान जारी रहेगा। यूनीपोल हटाने के अभियान में रामसिंह जाटव और जयपाल पटेल आदि शामिल थे।