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साल भर बाद फिर सतरंगी घेरे में घिरा सूरज

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सूरज के चारों ओर दिख रहा सर्किल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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काफी ऊंचाई पर जलवाष्प के संघनित होने से बनता है 22 डिग्री सर्कुलर हेलो
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अक्सर पश्चिमी देशों में ही बनता है सर्कुलर हेलो, भारत में कम ही दिखता है

बरेली। प्रकृति तमाम रहस्यों से भरी है। प्राकृतिक और खगोलीय घटनाएं के बारे में विशेष जानकारी न होने से लोग इसे अध्यात्म से जोड़कर देखने लग जाते हैं। गुरुवार को भी सूरज के चारों ओर सतरंगी घेरे को भी लोगों ने आस्था का केंद्र बना लिया। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक यह कोई दैवीय नहीं बल्कि खगोलीय घटना है। जिसकी वजह से सूरज के चारों को सतरंगी घेरा बन गया। ।
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बरेली कॉलेज बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक खरे ने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश की वजह से गुरुवार को आसमान पूरी तरह साफ हो गया था। धूल या धुंध की मौजूदगी नहीं रही। मगर बारिश का मौसम होने की वजह से काफी ऊंचाई पर जलवाष्प संघनित हो गई थी। जिसको सूर्य का प्रकाश पार कर पृथ्वी तक पहुंच रहा था। जिसकी वजह से सूरज के चारों ओर सर्कुलर हेलो का नजारा बन गया। यानी एक घेरा जिसकेे बीच से प्रकाश पुंज निकल रहा हो। यह कोई अचंभित करने वाली या दैवीय घटना नहीं है बल्कि सामान्य प्रक्रिया है। अक्सर बारिश के मौसम में इंद्रधनुष बन जाते हैं। जो धरती के पास होने की वजह से आधे ही नजर आते हैं। मगर जब यह आसमान में काफी ऊंचाई पर बनते हैं तब सर्कुलर हेलो कहा जाता है।

भक्तों ने श्रीराम से जोड़ा सर्कुलर हेलो

दोपहर में अचानक बने इस सतरंगी वलय को देखकर लोगों ने इसकी फोटो खींची और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। साथ ही, उसमें इसे अयोध्या में हुए श्रीराम मंदिर निर्माण से भी जोड़ दिया। कई लोगों ने इसे सैकड़ों साल बाद घटित होने का दावा कर दिया तो कुछ लोगों ने इसे श्रीराम के प्रकाट्य से जोड़ा। हालांकि बाद में हकीकत की जानकारी होने पर लोगों का मत भी बदला। बता दें कि इससे पहले बीते साल अगस्त में और उससे तीन साल पहले 2016 की जुलाई में भी सर्कुलर हेलो बना था।

अगले चार दिन तक घने बादल और बारिश के आसार

बरेली। बीते दिनो हुई बारिश का लुत्फ ले रहे लोगों को तीन दिनों से धूप की तपिश और उमस परेशान कर रही है। मौसम विभाग बारिश के आसार जता रहा है मगर बादल भी हवाओं के साथ आगे बढ़ जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने अनुकूल माहौल बनने पर बारिश का सिलसिला फिर जारी होने की उम्मीद जताई है। आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक गुरुवार को बारिश के आसार थे। मगर तेज पछुवा हवाएं चलने से बारिश की उम्मीद भी हवाएं साथ ले गईं। उन्होंने अगले चार दिन भी शहर पर बादल मंडराने और अनुकूल माहौल बनने यानी निम्न वायुदाब के हावी होते ही शहर में अच्छी बारिश के आसार जताए हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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