पोस्टमार्टम में हुई जहर खाने की पुष्टि, शरीर पर खरोंचों के निशान
सीबीगंज। परसाखेड़ा की एक शीतल पेय बनाने वाली फैक्टरी में कार्यरत सर्वोदयनगर निवासी 35 वर्षीय मनीष उर्फ मोनू पांडेय का शव बृहस्पतिवार सुबह स्लीपर प्लांट के मैदान में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम में जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई। शरीर पर खरोंचों के भी निशान मिले हैं। परिवार वालों का कहना है कि गुटका खाने पर नौकरी से निकाल देने की धमकी मिलने पर उसने खुदकुशी की है।
मोनू पांडेय परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर चार स्थित कोकाकोला फैक्टरी में कर्मचारी थे। वह बुधवार सुबह नौ बजे बाइक से ड्यूटी गए। काम खत्म होने के बाद वह शाम पांच बजे घर के लिए चले। मगर देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिवार वालों ने बताया कि रात में मोनू ने घर में फोन करके बताया कि वह एफसीआई गोदाम के पास हैं, उन्हें आकर ले जाओ। घरवाले वहां पहुंचे लेकिन वह नहीं मिले। बृहस्पतिवार सुबह स्लीपर प्लांट के मैदान में उनका अर्द्धनग्न शव पड़ा मिला। मुंह और नाक से खून बह रहा था। पास में ही उनकी बाइक खड़ी थी। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी रवींद्र कुमार, सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह ने फील्ड यूनिट से जांच कराई।
घटनास्थल पर पड़े खून और मोनू के शरीर पर खराेंचों के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही थी लेकिन पोस्टमॉर्टम उनकी जहर से मौत होने की बात सामने आई है। छोटे भाई अभिषेक पांडेय ने बताया कि बुधवार को फैक्टरी में मोनू को गुटका खाते पकड़े जाने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई थी। इससे डरकर मोनू ने खुदकुशी की है। वहीं, फैक्टरी प्रबंधन का कहना है कि कोई भी गुटका खाते पकड़ा जाता है तो उसे फौरन बाहर कर दिया जाता है। मगर मोनू पर इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने सुबह से शाम तक पूरी ड्यूटी की। इसके बाद वह घर चला गया। बताया कि पुलिस ने भी फैक्टरी जाकर सीसीटीवी कैमरे चेक किए हैं, इनमें उसके ड्यूटी पूरी करके जाने की रिकॉर्डिंग मौजूद है।
घर में थी जन्मदिन की तैयारी, पहुंचा शव
मोनू के परिवार में पत्नी बबिता, एक बेटा अन्नू और एक बेटी परी है। परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार 25 जून को मोनू का जन्मदिन होता है। वे लोग उनका जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई।