बरेली। प्रदेश भर में वकीलोें पर हो रहे हमलों के बावजूद उनको सुरक्षा मिलने के अलावा उनकी कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकार की ओर से धन आवंटित न होने के मुद्दे पर आज वकीलों ने विरोध दिवस मनाया। यह विरोध दिवस बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मनाया गया। विरोध दिवस पर अधिवक्ता न्यायिक कामकाज से विरत रहे। बाद में कलक्ट्रेट चौराहे पर प्रदर्शन किया।
बार काउंसिल के आह्वान पर सुबह से वकीलों के समूह ने अदालतों में काम करने वाले अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य से विरत रहने का आह्वान किया। कुछ वकीलों ने कचहरी परिसर में नारेबाजी भी की। दोपहर तक अदालतें सूनी हो गईं। परिसर में विरोध प्रदर्शन करने वालों में वीपी ध्यानी, केएल गोयल, अनुज गंगवार, शेर सिंह, धर्मवीर गुप्ता, प्रदीप यादव आदि शामिल रहे।
इस दौरान बार एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। ज्ञापन में वकीलों के लिए बुनियादी सुविधाओं के अलावा वकीलों को सुरक्षा देने की भी मांग की गई। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट चौराहे पर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इसमें बार एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, बार सचिव अमर भारती, मोहम्मद असलम समेेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
बार काउंसिल के चेयरमैन हरिशंकर की ओर से बार एसोसिएशन को लिखे पत्र में कहा गया है कि 12 जून को तत्कालीन यूपी बार काउंसिल की चेयरमैन कुमारी दरवेश सिंह की हत्या के बावजूद उनके परिवार वालों को सरकार की ओर से कोई सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई। न ही मृतक के परिवार वालों को अब तक कोई आर्थिक सहायता ही दी गई । इसके अलावा कई और जिलोें में भी अधिवक्ताओं की हत्याएं की गईं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
बार काउंसिल चेयरमैन ने कहा कि पिछले दो साल से सरकार की ओर वकीलों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित किया जाने वाला धन भी जारी नहीं हुआ है। इस वजह से मृतक अधिवक्ताओं की पत्नियां परेशान हो रही हैं। चेयरमैन पत्र में कहा गया है कि प्रदेश भर में वकीलों के लिए आधार भूत सुविधाएं नहीं हैं। बावजूद इसके ग्राम्य न्यायालय और सांध्य न्यायालयों की व्यवस्था शुरू की जा रही है।
टैक्स बार एसोसिएशन ने भी जताया विरोध
बरेली। यूपी बार काउंसिल के आह्वान पर सोमवार को टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से भी विरोध दिवस मनाया गया। टैक्स बार के वकील भी न्यायिक काम काज से विरत रहे। टैक्स बार की ओर से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें अधिवक्ताओं की मांगों को जल्द पूरा करने आह्वान किया गया। ज्ञापन देने वालोें में हर्ष शमा, नानक चंद अग्रवाल, विश्वनाथ मिश्रा, सर्वजीत सिंह, संजीव सिंह, प्रदीप सिंह चौहान, शिव नरेश, संजय स्वरूप आदि शामिल हैं।