गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्धि कराने के लिए 27 जनवरी से तीन फरवरी तक मातृत्व सप्ताह मनाया जा रहा है। प्रभारी डीएम एवं मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई जिला पोषण समिति की बैठक में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें प्रसव से पहले स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्धि कराई जाएंगी। जो महिलाएं जोखिम वाली मिलेगी, उन्हें पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार किया जाएगा। मातृत्व सप्ताह के क्रियान्वयन के लिए हर ब्लॉक में दो जिला स्तरीय अधिकारी लगाए गए हैं, जो भ्रमण कर पूरी कार्रवाई की पर्यवेक्षण रिपोर्ट देंगे। प्रभारी डीएम ने अति कुपोषित बच्चों के पोषण पुनर्वास केंद्रों पर न लाने वाले आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की सूची बनाकर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित हर बच्चे का सघनता से ट्रीटमेंट हो। अब तक जिला अस्पताल के पुनर्वास केंद्र में 306 बच्चों का और एसआरएमएस कॉलेज के केंद्र में 233 बच्चों को भर्ती कराकर उपचार किया गया। उन्होंने गांव गोद लेने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों को भी सख्ती से निर्देशित किया कि हर माह अपने गांवों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें, नहीं तो उनके विरुद्ध उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। बैठक में बताया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार उपलब्धि है। इसकी गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। आंगनबाड़ी सुपरवाइजर पुष्टाहार कस वितरण सही रूप से कराएं। डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों से गांव भ्रमण के अनुभवों और सुझावों को पूछा।
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