फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: दिन में शृंगार, रात में चांद देखकर पिया का दीदार

Thu, 29 Oct 2026 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। अष्टयोग के शुभ संयोग के बीच करवाचौथ का पर्व बृहस्पतिवार को आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और खुशहाल परिवार की कामना के साथ निर्जल व्रत रखा। दिन में शृंगार करने के बाद रात करीब 8:04 बजे चांद दिखने के बाद सुहागिनों ने विधि-विधान से पूजा कर व्रत खोला।
विज्ञापन

सोलह शृंगार से सजी महिलाओं ने छलनी से पति का चेहरा देखा। उन्होंने पति के हाथों से जल ग्रहण कर अपना व्रत पूरा किया। इस अवसर पर घरों से लेकर मंदिरों तक सामूहिक आयोजन हुए। पतियों की ओर से दिए गए उपहारों ने पर्व की रौनक बढ़ाई। शहर के कई मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिलाओं ने इन कार्यक्रमों में अपनी थाली बदलने की परंपरा निभाई। श्री हरि मंदिर में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में उत्सव में हिस्सा लिया। शाम चार बजे से ही महिलाएं मंदिर पहुंचने लगी थीं।


पौराणिक कथा का महत्व

कार्यक्रम की शुरुआत में पंडित रमेश तिवारी और सुनील शास्त्री ने करवाचौथ की पौराणिक कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। कथा में सात भाइयों की लाडली बहन का प्रसंग सुनाया गया। इसमें चंद्रोदय से पूर्व भूख लगने पर भाइयों द्वारा किए गए उपाय और उसके परिणाम का जिक्र था। पंडितों ने समझाया कि निष्ठा से व्रत रखने वाली सुहागिनों को दीर्घायु और अखंड सौभाग्य मिलता है।
विज्ञापन




बांके बिहारी मंदिर में सामूहिक पूजा

श्री बांके बिहारी मंदिर में भी महिलाओं ने श्रद्धा और भक्तिभाव से सामूहिक पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। महिलाओं ने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना की। इस धार्मिक आयोजन में सीमा गुलाटी, कांता अरोड़ा, नीलम साहनी, मंजू भसीन, मुक्ता अग्रवाल, निशु सचदेवा, बेबी गाबा, विन्नी सूरी, मंजू गुप्ता और ज्योति अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें