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प्रशासन हरकत में आया तो तस्लीम मियां पहुंच गए

Fri, 11 Mar 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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हाईवे
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हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आ रही कब्र को प्रशासन ने हटाया तो आला हजरत दरगाह से तस्लीम मियां बृहस्पतिवार को फरीदपुर पहुंच गए। उन्होंने कब्र पर चादरपोशी की और फातियां पढ़ी। कुछ समय के लिए दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे। प्रशासन ने पिछले दिनों कब्र को उखाड़ कर मलवा तक हटा दिया था। इसकी जानकारी होने पर मौलाना तौकीर रजा और अन्य नेता वहां पहुंचे थे। प्रशासन के साथ हुई वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल पाया था। बृहस्पतिवार को वहां तस्लीम मियां भी पहुंच गए। इसके बाद एसडीएम कुंवर पंकज, सीओ धर्म सिंह मार्छाल, नायब तहसीलदार रवींद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक अख्तर सज्जाद भी फोर्स लेकर पहुंचे। प्रशासन की ओर से वीडियोग्राफी कराई गई। तस्लीम मियां ने कहा कि किसी धर्म स्थल को गिराना अच्छी बात नहीं है। शांति से बैठ कर कोई हल निकाला जा सकता था। सड़क का निर्माण दूसरी तरफ से भी हो सकता है। 
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 तो हाइवे चौड़ा करने के लिए हटेगी नूरी मस्जिद 
 मस्जिद की आड़ में चल रही है फर्नीचर की दुकान और होटल
रिठौरा। सड़क के चौड़ीकरण में बाधक बन रही पीलीभीत हाइवे पर बनी लभेड़ा की नूरी रजा जामा मस्जिद अतिक्रमण की जद में है। मस्जिद की आड़ में आसपास की जगह पर भी कब्जा हो गया है। यहां फर्नीचर की दुकान और होटल भी चल रहा है। लोग बताते हैं कि पहले यहमस्जिद खेत में थी लेकिन अब यह नेशनल हाइवे पर आ चुकी है। नेशनल हाइवे अथारिटी का कहना है कि मस्जिद अतिक्रमण के दायरे में आती है। इस बारे में मस्जिद के ट्रस्ट को नोटिस भी जारी किया कोई जवाब न मिलने पर अब प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए लिखा है। इधर मस्जिद के इमाम का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है।
यह मस्जिद लगभग 1000 वर्ग फीट में फैली है। यहां के लोग बताते हैं कि गांव के एक जमींदार परिवार ने अपने खेत में ये मस्जिद बनवायी थी। मस्जिद के इमाम मौलाना शाकिर खां ने इसे अतिक्रमण मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले दस साल से मस्जिद में हैं। मस्जिद में निर्माण कार्य भी होना है। आधे परिसर में मदरसा चलता है। इमाम का कहना है कि उनके पास एनएचएआई का कोई नोटिस नहीं आया है। ग्रामीण शलाउद्दीन उर्फ मुखिया ने बताया कि यह वक्फ बोर्ड के अभिलेखों में भी दर्ज है। प्रमुख त्योहारों पर यहां पुलिस बल भी तैनात किया जाता है, जो कि थाने के रजिस्टर में भी है। 
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चौड़ीकरण में आ रही बाधा 
बरेली- पीलीभीत हाइवे का चौड़ीकरण करीब एक वर्ष से चल रहा है। इस मार्ग को पूरा कर जनवरी 2016 मे निर्माण कंपनी को देना था लेकिन धीमी गति के कारण मार्ग का 50 फीसदी काम भी अभी तक पूरा नही हो पाया है। रिठौरा कस्बे में घनी आबादी है और दोनों तरफ 15-15 मीटर जगह चिन्हित की गई है।   आधा दर्जन से अधिक धार्मिक स्थल हाइवे से सटे हैं। इनमें  कई मंदिर और मजार भी हैं। प्रशासन की ओर से कई बार बैठक कर धार्मिक स्थलाें को हटाने को कहा जा चुका है, लेकिन कोई नहीं सुन रहा। अब होली तक किसी भी तरह इन्हें हटाया जाएगा। 

एक सप्ताह बाद हटेगा अतिक्रमण 
एसडीएम सदर मनीष कुमार नाहर ने बृहस्पतिवार को नगर पंचायत कार्यालय में ईओ हरि लाल, लेखपाल मुनीश मिश्रा, एनएच के राजन लाल श्रीवास्तव व सभासद के साथ हाइवे में बाधक बन रहे मंदिर, मस्जिद व मजार को हटाए जाने पर विचार किया। पूरी टीम ने स्थलीय निरीक्षण भी किया। एसडीएम नवाबगंज मनीष बंसल और तहसीलदार मलखान सिंह ने निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को भेजी है। भंडसर तिराहे के सामने बने प्राचीन भम्म्सेन मंदिर, इंद्रानगर में हनुमान मंदिर, नन्हे शाह मियां का मजार हटाया जाएगा। टीम के लोगों ने गुरुवार को सबसे कहा कि वो शीघ्र ही अतिक्रमण हटा ले अन्यथा प्रशासन तोड़ फोड़ करेगा। 15 मीटर की दूरी लेने से कस्बे की कई इमारतें भी ध्वस्त हो जाएगी। एनएच के अधिकारी श्री सक्सेना ने बताया कि तोड़ फोड़ की प्रक्रिया करीब एक सप्ताह बाद शुरू कर दी जाएगी। बैठक में सभासद पप्पू कश्यप, कमलेश गंगवार, छत्रपाल यादव ,आर के कश्यप आदि शामिल रहे। 

मस्जिद के ट्रस्ट को नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कार्रवाई के लिए प्रशासन को पत्र लिखा गया है अब जवाब का इंतजार है। -आरएस पुरी, प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाइवे अथारिटी 
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