कालोनी के प्रवेश द्वार पर अपने नाम और अशोक की लाट लगाने के मामले में सपा के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने यू टर्न ले लिया है। वीरपाल ने पहले यह कहा था कि वह पूर्व सांसद हैं और अशोक की लाट लगवा सकते हैं, अब उनका कहना है कि प्रवेश द्वार नगर निगम ने बनवाया था, जहां से उनका घर 19 मकान दूर है। अशोक की लाट कब लगी, किसने लगाई, इससे उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
बताते चलें सपा के जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के सुरेश शर्मा नगर स्थित आवास की कालोनी के राम मनोहर लोहिया प्रवेश द्वार पर उनके नाम के साथ अशोक की लाट भी लगाई गई थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को अशोक की लाट हटा ली गई। लगाने के नाम पर जिस तरह संबंधितों ने पल्ला झाड़ा उसी तरह हटाने के नाम पर भी सभी ने चुप्पी साध रखी है। लाट हटने के मामले पर जब वीरपाल से बात की गई तो उनका कहना था कि जमीन नगर निगम की, गेट भी नगर निगम ने बनवाया और उनका मकान भी प्रवेश द्वार से दूर है। अशोक की लाट किसने लगाई और हटाई उन्हें नहीं पता। इस मसले पर नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव का फिर कहना है कि नगर निगम ने अशोक की लाट नहीं लगाई थी। हटाई किसने पता नहीं। अशोक की लाट हटाने के भी नियम हैं और उसे राजकीय अभिरक्षा में लेकर हटाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शायद इसीलिए कोई लाट हटाने की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर नहीं लेना चाहता।