समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव के घर के सामने नगर निगम द्वारा बनाए गए द्वार पर भारतीय प्रतीक चिह्न अशोक की लाट लगाए जाने के मामले में कमिश्नर विपिन कुमार द्विवेदी नेे नगर आयुक्त से पूछा है कि इस गेट पर अशोक की लाट कब और कैसे लगाई गई। नगर आयुक्त को इस मामले की जांच कराकर तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को देनी होगी।
अमर उजाला ने 29 जनवरी को इस बारे में ‘नेता जी के द्वार पर अशोक की लाट कैसे लगी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव को फोन कर सपा जिलाध्यक्ष के घर के बाहर बनाए गए द्वार पर अशोक की लाट लगाए जाने के बारे में पूछताछ की। नगर आयुक्त ने बताया कि मंडलायुक्त ने नगर निगम द्वारा बनाए गए द्वार पर अशोक की लाट लगाए जाने के बारे में रिपोर्ट मांगी है। वह एक्सईएन से रिपोर्ट तैयार करा रहे हैं। गेट निर्माण और उस पर अशोक की लाट लगाने के बारे में रिपोर्ट दो से तीन दिन के अंदर मंडलायुक्त को भेज दी जाएगी।
अनाधिकृत है तो हटेगी अशोक की लाट
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने बताया कि गेट पर अशोक की लाट लगने की जानकारी उन्हें नहीं थी। अगर गेट पर भारतीय प्रतीक चिह्न का लगना अनाधिकृत है तो उसे वहां से हटवाया जाएगा। अभी वह पूरे मामले का अध्ययन कर रहे हैं।