टाइगर का साया बने बिजली विजिलेंस में सीओ जगदीश पाटनी
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बुधवार को शहर में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के कार्यक्रम में पुलिस की वर्दी में भीड़ को चीरकर व्यवस्था बनाने की कोशिश करने वाले अभिनेत्री दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। टाइगर ने मीडिया से बातचीत के दौरान पाटनी को करीबी और अपनी सुरक्षा में लगा अधिकारी बताकर और पेच फंसा दिया।
जगदीश पाटनी बिजली विभाग की विजिलेंस में सीओ हैं। अब इस हाईप्रोफाइल मामले को तूल दे दिया गया है। अफसर इस मामले में जुदा जुदा राय दे रहे हैं वहीं पाटनी ने इसे व्यक्तिगत संबंध बताया है।
फिटनेस और एक्शन की बदौलत युवाओं के चहेते फिल्म स्टार फ्लाइंग जट्ट फेम टाइगर श्राफ बुधवार को अपनी बहन कृष्णा के साथ बरेली के डीडीपुरम के कृष्णांचलनगर में जिम का उद्घाटन करने आए थे। उन्होंने बरेली से ताल्लुक रखने वाली अभिनेत्री दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी के बारे में कहा था कि वह यही हैं जो उनकी सुरक्षा व्यवस्था देख रहे हैं।
इससे पहले कार्यक्रम में टाइगर के पहुंचते ही दर्शकों में धक्कामुक्की शुरू हो गई। हर कोई टाइगर और कृष्णा के साथ सेल्फी लेना चाहता था। सड़क पर भी उनकी झलक पाने को भीड़ लगी थी।
पुलिस ने बमुश्किल भीड़ को काबू किया। इस बीच बरेली में तैनात बिजली विजिलेंस के सीओ जगदीश पाटनी वर्दी में भीड़ हटाते नजर आए थे। वह ठीक वैसी ही भूमिका में थे जैसे वहां तैनात संबंधित सर्किल के सीओ या अन्य पुलिस अफसरों को होना चाहिए था।
इस पर लोगों से उनकी तीखी तकरार भी हुई। कार्यक्रम के बाद कुछ लोगों ने एसएसपी को कॉल करके उनकी शिकायत की थी। गुरुवार को मामला ज्यादा तूल पकड़ गया।
एडीजी बोले- विजिलेंस वाले तो पहनते नहीं वर्दी
एडीजी अविनाश चंद्र से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि विजिलेंस वाले तो परेड जैसे कुछ खास मौके पर ही वर्दी पहनते हैं। उनकी सुरक्षा ड्यूटी भी बिना डीजीपी मुख्यालय के आदेश के सिविल पुलिस नहीं लगा सकती। ऐसे में जगदीश पाटनी अगर वर्दी पहनकर वहां मौजूद थे तो यह सही नहीं था।
हालांकि एडीजी ने कहा कि उनके पास अभी तक इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। अगर आएगी तो जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना था कि पाटनी की वहां ड्यूटी नहीं थी। वह व्यक्तिगत रूप से ही गए होंगे।
पाटनी बोले- निजी संबंधों में गया था
विजिलेंस सीओ जगदीश पाटनी का कहना है कि वह वर्दी पहनकर अपने दफ्तर में बैठे थे तभी टाइगर के आने की सूचना मिली। आयोजक ने भी उन्हें आमंत्रित किया था। तब वह निजी संबंधों की खातिर वहां चले गए थे। भीड़ दिखी तो व्यवस्था बनाने में मदद कर दी। कोई जानबूझकर तूल दे रहा है।
बरेली में तैनाती है पाटनी की पसंद
जगदीश पाटनी यूं तो मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं पर उनकी तैनाती का सबसे ज्यादा कार्यकाल बरेली में ही बीता है। वह कई साल पहले बरेली में पुलिस लाइन के आरआई थे। प्रमोशन के बाद कुछ समय को बाहर गए और फिर विजिलेंस में बरेली आ गए। यहां करीब दस साल की सेवा दे चुके हैं।