शासन की सख्ती के बाद भी कम नहीं हुई लापरवाही
भूखे-प्यासे रहकर अपनी समस्या लेकर आने वाले फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण में अफसरों ने सिर्फ कागजी कोरम पूरा किया। दो तिहाई शिकायतों के फीडबैक में फरियादियों की असंतुष्टि इस बात का प्रमाण है। शासन की सख्ती के बावजूद अफसरों के लापरवाह रवैये में कोई सुधार नहीं आया है। हालांकि, 67 अफसरों पर कार्रवाई के बाद सरकारी महकमों में खलबली मची हुई है। डीएम ने भी स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निस्तारण में दोबारा लापरवाही मिली तो कार्रवाई और सख्त होगी।
अधिशासी अधिकारी आंवला की ओर से छह, अधिशासी अधिकारी रिछा की ओर से सात, अधिशासी अधिकारी धौराटांडा की ओर से एक, अधिशासी अधिकारी नवाबगंज की ओर से दो और अधिशासी अधिकारी बिशारतगंज की ओर से चार शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया गया। अपर नगर आयुक्त ने मई में 161 शिकायतों का निस्तारण किया। इनमें से 121 शिकायतों के निस्तारण से फरियादी संतुष्ट नहीं मिले।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड आंवला, अधिशासी अभियंताप्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत सेल, एलडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी फतेहगंज पश्चिमी, आलमपुर जाफराबाद, क्यारा, नवाबगंज, बिथरी चैनपुर, मीरगंज क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती।