बरेली। पिछले दिनों बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की वीसी ने बिल्डरों और ठेकेदारों के साथ की गई बैठक में एनजीटी नियमों के शत प्रतिशत अनुपालन के लिए तीन दिन का वक्त दिया था। यह मियाद शनिवार को ही पूरी हो गई। इसके बावजूद बीडीए अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। वहीं, इस बाबत जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने प्रशासन से कर्मचारी व पुलिस आदि मिलने में देरी होने की बात कही।
दरअसल, अयोध्या मामले की संवेदनशीलता और बीच में आए हिंदू -मुस्लिम त्योहारों के बीच प्रशासन ने बीडीए तक से कर्मचारी बुला रखा है। इसके चलते बीडीए को किसी बड़ी कार्रवाई के लिए कर्मचारियों का संकट है। इस संबंध में पिछले दिनों बीडीए की ओर से जिले के उच्चाधिकारियों से जल्द से जल्द कर्मचारी उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। उच्चाधिकारियों द्वारा स्थिति के सामान्य होते ही कर्मचारी उपलब्ध कराने और बीडीए की कार्रवाई में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया गया है।
एक दर्जन कामर्शियल भवनों को सीज करने की बन रही रूपरेखा
बीडीए एक दर्जन दर्जन कमर्शियल भवनों को सीज करने की रूपरेखा बना रहा है। सोमवार को इन भवनों को लिस्टिंग भी की जा चुकी है। इस संबंध में आखिरी बार भवन निर्माताओं से संपर्क भी किया गया है तथा उन्हें एनजीटी के मानक के अनुरूप भवन में पार्किंग आदि की सुविधा उपलब्ध कराने और पार्किंग एरिया कमर्शियल उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की गई है। हालांकि इस संबंध में किसी सकारात्मक जवाब के न आने के बाद अब बीडीए बड़ी कार्रवाई के मूड में है।
इन क्षेत्रों में हो सकती है कार्रवाई
पीलीभीत बाईपास रोड, बदायूं रोड, मिनी बाईपास रामपुर रोड आदि क्षेत्रों के करीब 12 कमर्शियल भवन बीडीए के निशाने पर हैं।
शहर में एनजीटी के नियमों को लेकर सभी बिल्डरों, क्रेडाई सदस्यों, ठेकेदारों को चेतावनी दी गई थी। निर्धारित समय के अंदर किसी ने भी उचित कार्रवाई नहीं की। अब बीडीए केवल प्रशासन से कर्मचारियों और पुलिस के मिलने का इंतजार कर रहा है। इनके मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान नियमों के विरुद्घ बने एक दर्जन से अधिक कमर्शियल भवनों पर कार्रवाई की जा सकती है।
- अंबरीश कुमार श्रीवास्तव, सचिव, बीडीए