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साहूकारा के बुजुर्ग की बेटी का आरोप.. अस्पताल ने पूरे परिवार की जिंदगी को खतरे में डाल दिया

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बरेली का साहूकारा क्षेत्र सील होने से सिलिंडर की डिलीवरी भी मुश्किल हो रही है। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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साधारण ढंग से अंतिम संस्कार करने के बाद बुरा हाल, अस्पताल पर सख्त कार्रवाई की मांग

बरेली। हाल ही में साहूकारा के जिन बुजुर्ग की मौत के बाद संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, उनकी बेटी ने अस्पताल प्रबंधन पर कोविड-19 की गाइडलाइन की अनदेखी करने के साथ उनके परिवार की जान संकट में डाल देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बताया तक नहीं कि उनके पिता का सैंपल लिया गया है और बेहद साधारण ढंग से शव ले जाने को कह दिया। उन्होंने अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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साहूकारा के बुजुर्ग की मीरगंज सिंधौली में रहने वाली बेटी ने बताया कि 17 मई को उनके पिता एक अस्पताल में भर्ती हुए थे हालांकि इलाज के बाद भी तबियत नहीं सुधरी और 20 मई को उनका निधन हो गया। उनका आरोप है कि अस्पताल की ओर से इसके बाद भी उन्हें नहीं बताया गया कि उनके पिता का कोरोना की आशंका से सैंपल लिया गया था। यहां तक कि शव को कवर करने के लिए भी कोई एहतियात नहीं बरती। उनसे ही शव को कवर करने के लिए बेडशीट ली और उसमें शव को लपेट दिया। इसके बाद स्ट्रेचर से शव को एंबुलेंस तक लाए और बगैर शव को छुए सीधे एंबुलेंस में पलट दिया। उन्होंने बताया कि खतरे से अनजान रहते हुए वे लोग डेथ सर्टिफिकेट लेकर शव को घर ले गए। रात में फ्रीजर में शव को रखा और अगले दिन छह लोगों ने गढ़ ब्रजघाट पर दाह संस्कार कराया और बरेली लौट आए। 24 मई को जब उन्हें पता लगा कि उनके पिता को कोरोना संक्रमण थे तो उनके होश उड़ गए।

कोई हंगामा नहीं किया, सीसीटीवी फुटेज दिखाएं.. सच सामने आ जाएगा

संक्रमित बुजुर्ग की बेटी के मुताबिक पिता का जब निधन हुआ, वह अस्पताल में अकेली थीं। जब अस्पताल ने शव रोका ही नहीं तो हंगामे या किसी तरह की नोंकझोंक का सवाल ही नहीं था। 25 मार्च को अखबारों में अस्पताल प्रशासन का बयान पढ़ा जिसमें उसने अपनी कारगुजारी छिपाने के लिए उनके परिवार के हंगामा करने का झूठा आरोप लगाया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने तो इस हद तक लापरवाही की कि उनसे अंतिम संस्कार में भी एहतियात बरतने को नहीं कहा। दो दिन बाद जब संक्रमण की पुष्टि हुई तो अस्पताल से उन्हें फोन करके कहा गया कि वे स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम को यही बताएं कि अस्पताल से उन्हें शव को पॉलीबैग में कवर करके दिया गया था और उन्हें कोविड-19 के नियमों के तहत अंतिम संस्कार करने के भी निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने किस हद तक लापरवाही की है, इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से की जा सकती है। इतने गैरजिम्मेदार अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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