एक साल से कर रहा था यह काम
पुलिस को आरोपी भीमसेन ने बताया कि वह खेती-किसानी का काम करता है। अतिरिक्त पैसों के लिए तमंचा बनाने का काम ऑर्डर पर करता है। बीते एक साल से तमंचा बना रहा है। उसके परिजन मना करते हैं, लेकिन इसके बाद भी वह काम कर रहा है। उसने गांव के पप्पू से तमंचा बनाने का काम सीखा है।
स्थानीय स्तर पर नहीं करता था कोई सौदेबाजी
तमंचा बनाने में वह कबाड़खाने से सामान खरीदकर तमंचा तैयार कर रहा था। एक तमंचा को तीन से पांच हजार रुपये बेचता है। वह उत्तराखंड तक तमंचों की आपूर्ति करता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई सौदेबाजी नहीं करता। यही वजह है कि स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।