सचिन हत्याकांड का मुख्य आरोपी इमरान उर्फ हबीब ने एक भाजपा नेता के साथ फरीदपुर थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के बाद हबीब ने पुलिस को बताया कि नईम नाम के युवक ने सचिन को गोली मारी थी। हबीब के मुताबिक अमरपाल और सचिन ने उसके साथ से स्मैक छीनी थी। इसके बाद दोनों भागे थे। तस्कर नईम ने पहली गोली चलाई थी, जो सचिन की पीठ पर लगी थी। हबीब ने बताया कि इसी हाथापाई में उसका हाथ भी टूट गया था।
फरीदपुर में सचिन हत्याकांड का असली आरोपी तस्कर इमरान उर्फ हबीब पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस ने वारदात के बाद सामने आए अमरपाल के जरिये हत्याकांड की गुत्थियां तो सुलझा दी, लेकिन मुख्य आरोपी तस्कर अभी तक पुलिस के पंजे में नहीं आ रहे थे। मंगलवार को इमरान उर्फ हबीब खुद ही थाने पहुंच गया। अब पुलिस नईम की तलाश कर रही है। नईम भी मादक पदार्थ का तस्कर बताया जा रहा है। अब पुलिस उसकी फ्यूचर इंस्टीट्यूट के पास से गिरफ्तारी दिखा रही है।
सचिन की हत्या के बाद पुलिस विवेचना में सामने आया था कि सचिन और अमरपाल दोनों मादक पदार्थ की तस्करी करते थे। अमरपाल की निशानदेही पर पुलिस ने फरीदपुर से ही 280 ग्राम हेरोइन बरमद की थी। सचिन और अमरपाल इमरान उर्फ हबीब और रियाज से मादक पदार्थ खरीदकर ढाबों और स्थानीय लोगों को आपूर्ति करते थे। अमरपाल की कहानी के मुताबिक सचिन मादक पदार्थ उठाने के बाद रुपयों में हेराफेरी करके 45 हजार की गड़बड़ी की थी। अमरपाल ने सचिन को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।