दुर्घटनाओं से बचाव के लिए रेलिंग तक नहीं, वैकल्पिक व्यवस्था के भी नहीं किए गए इंतजाम
बरखन। अप्सरा नदी के दलेल नगर पुल पर हादसे बढ़ते जा रहे हैं। फिर भी चौड़ीकरण प्रस्ताव फाइलों में कैद होकर ही रह गया है। हादसों से बचाव के लिए पुलिया पर दोनों ओर रेलिंग भी नहीं है। इससे हर समय हादसे का भय बना रहता है।
वैकल्पिक व्यवस्था न होने की वजह से वर्षों से हादसों की भयावह श्रृंखला जारी है। कई परिवार अपने चिराग खो चुके हैं। दर्जनों लोग अपाहिज हो चुके हैं, फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों में भारी रोष है कि प्रशासन कागजी आश्वासनों के अलावा जमीनी कार्रवाई नहीं कर रहा। लगातार हादसों से विभाग खामोशी धारण किए हुए हैं।
हादसों में लोगों ने गंवाई जान : अभी हाल ही में बहादुरपुर निवासी राजू (35 वर्ष) अपने साथी विवेक कुमार के साथ बरखन से घर लौट रहे थे। दलेल नगर की अतिसंकीर्ण पुलिया पर बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों नदी में जा गिरे। नीचे पड़े पत्थरों पर सिर लगने से राजू की मौके पर मौत हो गई, जबकि विवेक गंभीर रूप से घायल है। कुछ दिन पहले जिघानिया निवासी ओमेंद्र अपना ट्रैक्टर लेकर गुजर रहे थे।
पुलिया से हल्की सी टक्कर लगते ही ट्रैक्टर समेत नदी में जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसी तरह दलेल नगर के मनवीर (26 वर्ष) बरखन से लौटते समय पुलिया की दीवार से बाइक भिड़ा बैठे और नदी में गिरकर उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बीते वर्षों में 12 से अधिक मौतें और असंख्य घायल इसी पुलिया की वजह से हो चुके हैं।
सड़क पर दौड़ रहे हैं ओवरलोड गन्ने से भरे वाहन
क्योलड़िया। गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रक और ट्राला मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है और चीनी मिलों के प्रभाव में है। क्षेत्र की तमाम सड़कों पर गन्नों से भरे ओवरलोड ट्रक और ट्राला बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। ट्रक और ट्राॅली अक्सर रात के समय सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। संवाद
नवाबगंज फोटो 1 क्योलडिया में दौडतें ओवरलोड वाहन