बरेली। चौपुला ओवरब्रिज के नीचे अपनी नातिन के साथ रेलवे ट्रैक पार कर रही एक महिला वहां से गुजर रही जनसाधारण एक्सप्रेस की चपेट में आ गई। हादसे में महिला की मौके पर ही तो उनकी नातिन की पास के ही एक निजी अस्पताल पहुंचकर मौत हो गई। पुलिस को सूचना देने के बावजूद घटना के बाद कई घंटों तक महिला का शव ट्रैक पर पड़ा रहा। देर रात दोनों की शिनाख्त होने पर सामने आया कि वह ललिता देवी मंदिर से घर लौट रही थीं। दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए।
बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी निवासी 40 वर्षीय मंती देवी शनिवार दोपहर अपनी छह वर्षीय नातिन अराध्या के साथ सुभाषनगर के नेकपुर स्थित ललिता देवी मंदिर पहुंची हुई थी। वहां से लौटते वक्त वह समय और कुछ रुपये बचाने के लिए मंदिर के पीछे की रास्ते से चौपुला ओवरब्रिज के नीचे पहुंची और वहां से रेलवे ट्रैक पार कर चौपुला चौराहे जाने को बढ़ी। लाइन नंबर एक पार करने के बाद अचानक लाइन नंबर दो उन्हें ट्रेन आती नजर आई तो वह हड़बड़ा गईं। घबराकर वह आगे नहीं बढ़ पाई और वहीं खड़ी रह गई। इतने में वहां से गुजर रही जनसाधारण एक्सप्रेस ने दोनों टक्कर मार दी। हादसे में मंती की मौके पर ही मौत हो गई। वहां मौजूद लोग अराध्या को तड़पता देख पास के ही एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन कुछ ही देर में उसने भी दम तोड़ दिया। देर रात सूचना मिलने पर उनके परिजन थानों के चक्कर लगाते हुए जिला अस्पताल पहुंचे तो उनकी शिनाख्त हो सकी। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक महिला को ट्रैक पार करने से पहले रुकने को कहा गया था लेकिन वह नहीं रुकी।
इधर शव हटाया, उधर फिर शुरू हुई आवाजाही
हादसे के बाद पहुंची पुलिस ने महिला के शव को जिला अस्पताल भिजवा दिया। लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद भी स्थानीय लोग नहीं माने। कुछ ही देर में सब सामान्य हो गया। फिर से गोद में बच्चों को लिए महिलाएं, बुजुर्ग व अन्य लोग लापरवाही से रेलवे ट्रैक पार करने लगे। साइकिल सवार उसे हाथ में उठाकर ट्रैक पार ले जाने लगे।