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बरेली : परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी को लेकर रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्रों ने किया हंगामा, की तोड़फोड़

Thu, 15 Sep 2022 04:23 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली

सार

 भ्रष्टाचार के सवाल पर अधिकारी अंदर चले गए। इससे छात्र आक्रोशित होकर प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर चढ़ गए।
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प्रदर्शन करते छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक परीक्षा के परिणामों में हुई भारी गड़बड़ियां हफ्ते भर बाद भी दुरुस्त न होने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों छात्रों ने विश्वविद्यालय में दिन भर हंगामा और तोड़फोड़ की। प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक और हाथापाई भी हुई। कुलपति के माफी मांगने और दस दिन में परिणाम दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाने पर हंगामा शांत हुआ।

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छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी पहले से कर रखी थी लेकिन विश्वविद्यालय को इसकी भनक नहीं लगी। बृहस्पतिवार सुबह बरेली के अलावा मुरादाबाद और मेरठ मंडल से सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय पहुंच गए। करीब 11 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन को घेरकर उसका गेट बंद करने के बाद प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। हंगामे और नारेबाजी के बीच चीफ प्रॉक्टर प्रो. जेएन मौर्य मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुधांशु के साथ छात्रों से बात करने पहुंचे लेकिन छात्रों ने उनसे बात करने से इन्कार कर दिया और कुलपति को बुलाने की मांग की।

एक घंटे तक प्रदर्शन के बावजूद कुलपति बात करने नहीं पहुंचे तो छात्र बेकाबू हो गए। उन्होंने प्रशासनिक भवन के आसपास रखे गमले और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने शुरू कर दिए। प्रशासनिक भवन का गेट भी तोड़ने की कोशिश की और जब इसमें कामयाबी नहीं मिली तो उस पर ताला जड़ दिया। इस बीच भारी तादाद में पुलिस फोर्स भी आ गया। छात्रों को रोकने की कोशिश की गई तो वे विश्वविद्यालय के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से भी भिड़ गए। काफी देर नोकझोंक होने के बाद हाथापाई तक हो गई। 
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इस बीच कई छात्र प्रशासनिक भवन की छत पर चढ़ गए और पत्थर मारकर उसके शीशे तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। छात्रों का गुस्सा देख  अधिकारियों का पसीना छूट गया। इस सबके बाद कुलपति प्रो. केपी सिंह छात्रों से बात करने पहुंचे। उन्होंने छात्रों से माफी मांगी और दस दिन के अंदर उनकी समस्याओं को हल कराने का भरोसा दिलाया, तब कहीं सात घंटे बाद हंगामा खत्म हुआ।

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