बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में रविवार को कुलपति प्रो. केपी सिंह के विदाई समारोह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। तीन साल पहले परिषद के पांच कार्यकर्ताओं पर कराई गई एफआईआर वापस लेने की मांग की।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (रुटा) की ओर से ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल में आयोजित विदाई समारोह में पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने प्रो. केपी सिंह से उनके कार्यकाल में हुई भर्तियों में अनियमितताओं, पेड़ कटवाने व भ्रष्टाचार के अन्य आरोपों पर जवाब मांगा। शिक्षकों व कार्यकर्ताओं में तीखी बहस हुई। इस बीच सुरक्षा कर्मचारियों को भी आना पड़ा।
इसके बाद जब कुलपति सुरक्षा घेरे में बाहर जाने लगे तो कार्यकर्ताओं ने प्लेसमेंट सेल का गेट बंद करने का प्रयास किया। इससे भी बात नहीं बनी तो कुलपति की कार के आगे जाकर खड़े हो गए। वहां बहसबाजी व हंगामा होने लगा। एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी श्रेयांश बाजपेई ने कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की।
कुलपति ने कहा- सभी के कार्यकाल में कुछ अच्छा तो कुछ बुरा होता है। वह अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का जवाब दे चुके हैं, जिसे वह सार्वजनिक भी कर देंगे। कुलपति की ओर से मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि एफआईआर का मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है, अकेले प्रो. केपी सिंह के हाथ में नहीं है। फिर भी उन्होंने एफीडेविट देने का आश्वासन दिया है।
हंगामा शांत होने के बाद सभी फिर सभागार पहुंचे, जहां कुलपति को विदाई दी गई। कुलपति ने कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं की यह विदाई वह कभी नहीं भूलेंगे। इस दौरान एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री विकास गोला को सम्मानित भी किया। कार्यकर्ताओं के साथ भोजन करने के बाद कुलपति ने करीब 15 मिनट वार्ता की।