फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रुहेलखंड विश्वविद्यालय: कुलपति के विदाई समारोह में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का हंगामा, किया घेराव

Sun, 30 Aug 2026 03:03 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति केपी सिंह के विदाई समारोह में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उन्होंने करीब एक साल पहले दर्ज पांच रिपोर्ट वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कुलपति का घेराव किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। काफी देर तक हंगामा होता रहा। 
विज्ञापन
कुलपति के विदाई समारोह में हुआ हंगामा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति केपी सिंह के विदाई समारोह में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने करीब एक साल पहले दर्ज पांच एफआईआर हटाने और कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं पर जवाब मांगा। यह घटना रविवार को ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल में आयोजित विदाई समारोह के दौरान हुई, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

विज्ञापन




रुहेलखंड विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन ने कुलपति के लिए यह समारोह आयोजित किया था। एबीवीपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी समारोह स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कुलपति से भर्ती में अनियमितताओं, विश्वविद्यालय परिसर में पेड़ कटवाने और अन्य कथित घोटालों के बारे में सवाल किए। बहस जल्द ही हंगामे में बदल गई, जिससे माहौल गरमा गया। 
विज्ञापन


चीफ प्रॉक्टर, सुरक्षा प्रभारी और शिक्षकों ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। कुलपति सुरक्षा के बीच सभागार से बाहर जाने लगे। कार्यकर्ताओं ने पहले प्लेसमेंट सेल का दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उन्होंने कुलपति की कार का दरवाजा बंद कर बाहर उनका घेराव किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

विज्ञापन

कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगें
एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी श्रेयांश ने इस दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुलपति ने अपने कार्यकाल में कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज कराई थी। श्रेयांश ने इन एफआईआर को तत्काल हटाने की मांग की। उन्होंने कुलपति से सभी कथित भ्रष्टाचारों का विस्तृत हिसाब देने को भी कहा, जिस पर कार्यकर्ताओं ने समर्थन जताया।

कुलपति का आश्वासन 
कुलपति केपी सिंह ने जवाब में कहा कि हर कार्यकाल में कुछ अच्छा और कुछ बुरा होता है। उन्होंने एफआईआर हटाने के लिए शपथ पत्र पर लिखकर देने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद सभी लोग सभागार में वापस गए। वहां कुलपति को औपचारिक रूप से विदाई दी गई। अपने वक्तव्य में कुलपति ने कहा कि वह एबीवीपी कार्यकर्ताओं की इस विदाई को कभी नहीं भूलेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें