बरेली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सर्विस परीक्षा (सीएसई) में शहर के अभिनव शर्मा ने सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने स्वयं से अध्ययन करने के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से दूरी बनाई। दो प्रयास के बाद भी हार नहीं मानी और अपने सपने को पूरा किया।
बदायूं रोड पर स्थित साउथ सिटी निवासी अभिनव ने बताया कि शुक्रवार को यूपीएससी-सीएसई परिणाम की अंतिम सूची जारी की गई है। इसमें उनका नाम शामिल है। अभिनव ने 2020 में बीटेक के दौरान निश्चय कर लिया था कि सिविल सेवा में जाना है। इसलिए आईआईटी के प्लेसमेंट प्रोग्राम में हिस्सा नहीं लिया।
उसके बाद घर पर रहकर स्वयं अध्ययन किया। इसके लिए किताबें मंगाई, वह ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर नहीं रहे। नोट्स बनाए और रात में पढ़ाई करने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। पढ़ाई के दौरान एकाग्रता प्रभावित न हो। इसके लिए 2021 से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल छोड़ दिया। उनका किसी प्लेटफॉर्म पर अकाउंट नहीं है।
उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई मुरादाबाद के पीएमएस स्कूल से की। वर्ष 2020 में आईआईटी पटना से सिविल इंजीनियरिंग शाखा से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। 2021 में यूपीएससी की परीक्षा पहली बार दी, लेकिन प्री क्वालिफाई नहीं कर पाए।
वर्ष 2022 में दोबारा पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी, लेकिन साक्षात्कार तक ही पहुंच सके। 2023 की परीक्षा के परिणाम की अंतिम सूची में चयन हुआ। अभिनव के पिता रमेश चंद्र शर्मा पुलिसकर्मी, मां शालिनी शर्मा गृहिणी और बड़े भाई डॉ. अभिषेक शर्मा चिकित्सक हैं।
दूसरे प्रयास में असफल होने पर हुआ तनाव
अभिनव ने बताया कि कड़ी मेहनत के बाद दूसरे प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। ऐसे में मानसिक तनाव की स्थिति बन गई। माता-पिता और भाई ने हिम्मत नहीं हारने दी। अभिनव पिता को अपनी प्रेरणा मानते हैं। अभिनव की कामयाबी पर डॉ. नारायण दास शर्मा, दुर्वेश भारद्वाज, पूर्णेश मिश्रा, राजेंद्र पाठक व वीरेश उपाध्याय ने शुभकामनाएं देते हुए कॉलोनी में मिष्ठान वितरण किया। संवाद