मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना यूपी 100 को आम लोगों तक पहुंचाने के मकसद के साथ शुरू तो कर दिया गया। तकनीकी खामियों की वजह से सड़कों पर खड़ी पुलिस रिस्पांस व्हीकल(पीआरवी) समय से लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। दरअसल, पीआरवी में लगे मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) के जरिए लखनऊ से सीधा संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। इनके सिम डू जी के हैं इसलिए लोकेट करने में दिक्कत आ रही हैं। बरेली के कंट्रोल रूम से फोन करके गाड़ियों को दौड़ाया जा रहा है। इससे रिस्पांस टाइम की कोई गारंटी नहीं है।
पीआरवी-223
दोपहर बारह बजे लखनऊ के जरिए ही पीआरवी को सूचना मिली कि बड़ा बाईपास पर ट्रकों में भिड़त हो गई है। सूचना के करीब आधा घंटे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शुक्र रहा कि ट्रकों की भिड़ंत में किसी को चोट नहीं लगी।
पीआरवी-214
फरीदपुर की यह पीआरवी लखनऊ से सूचना मिलने पर सिसईया गांव करीब आधा घंटे बाद पहुंची। वहां से खबर आई थी कि अरविंद कुमार को ससुराल में जलाकर मारने की कोशिश की गई है। विवाद की सूचना सही निकली, अरविंद के हाथ भी झुलसे हुए थे, लेकिन बाद में समझौता हो गया था।
पीआरवी-148
सुबह करीब साढ़े दस बजे कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली कि जिला सहकारी बैंक से बाइक चोरी हो गई है। छानबीन के दौरान बाइक रास्ते में ही पड़ी मिल गई। पीआरवी घटना स्थल से थोड़ी दूरी पर ही खड़ी थी।
पीआरवी-158
शाहजहांपुर जाने वाले रास्ते पर जाट रेजीमेंट के पास शाम करीब छह बजे रामपाल निवासी पुन्नपुर, सीबीगंज की बाइक गड्ढे में फंसकर गिर गई। वह शराब के नशे में थे। पीआरवी बीसलपुर चौराहे पर खड़ी थी। सूचना मिलने के दस मिनट बाद यह मौके पर पहुंची, जबकि दूरी काफी कम थी।
शाम तक 85 शिकायतें हुई दर्ज
पुलिस लाइंस में यूपी 100 के कंट्रोल रूम में दोपहर तीन बजे रेडियो विभाग के असिस्टेंट आपरेटर देवेश सिंह, हेड आपरेटर अरुण कुमार की ड्यूटी थी। देवेश सिंह फोन पर संबंधित पीआरवी के कमांडर से बात कर रहे थे। दोनों की कर्मचारियों ने बताया कि गाड़ियों की एमडीटी सही से काम नहीं कर रही है। उस समय तक करीब 35 शिकायतें वह दर्ज कर चुके थे। देर शाम आठ बजे तक यह संख्या बढ़कर 85 हो गई। नशे में फोन कर परेशान करने वालों ने तमाम शिकायतें कीं।
नई व्यवस्था होने की वजह से कुछ दिक्कत आ रही है। जल्द ही इंटरनेट सेवा सही से काम करने लगेगी। गाड़ी में सूचना के आदान-प्रदान के तीन माध्यम दिए गए हैं। एमटीडी के अलावा मोबाइल और वायरलेस भी गाड़ियों में लगा है। कुछ तकनीकी खामियां दूर होते ही सब ठीक हो जाएगा।
- जितेंद्र कुमार, कोऑर्डिनेटर, महेंद्रा एंड महेंद्रा