बरेली। कैंट से लापता करके छात्र अयान की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। सोमवार रात पुलिस ने नकटिया के कुछ लड़कों को उनके घरों से पकड़ा है। कैंट पुलिस को शक है कि इन्होंने ही अयान की हत्या न कर दी हो। इनका ईद के बाद अयान से झगड़ा हुआ था।
21 जून की रात 14 साल के अयान पुत्र मदन सैफी का शव नकटिया से आगे बिथरी क्षेत्र में नहर किनारे कट्टों से दबा मिला था। वह तीन दिन पहले रात नौ बजे नकटिया के होटल से चिकन लेने गया था। उसकी स्कूटी पुलिस आज तक नहीं तलाश सकी। परिवार के शुरूआती बयानों के आधार पर पुलिस ने एक मदरसा शिक्षक को पकड़कर पूछताछ की पर बाद परिवार ने ही उसे छुड़वा दिया। इसके बाद से आज तक पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल सका है। अब अयान से झगड़ा करने वालों से पूछताछ कर पुलिस सच खोजने में जुटी है।
गुजरात की लैब में होगा संदिग्धों का नारको टेस्ट
बरेली। डेढ़ साल पहले बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर में हुए चर्चित अयान मर्डर केस में असली आरोपी चिह्नित करने को नारको टेस्ट कराने की प्रक्रिया चल रही है। चाचा समेत तीन लोगों ने नारको टेस्ट को सहमति दे दी है। लखनऊ में यह टेस्ट होना था। वहां एक्सपर्ट डॉक्टर न होने से अब गुजरात के गांधी नगर की लैब से टेस्ट कराया जाएगा। विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर सुभाष नगर हरिश्चंद्र जोशी के पास लखनऊ लैब से इस जानकारी का पत्र आ गया है। अब पुलिस मेसेंजर को गांधी नगर भेजेगी। वहां से नारको टेस्ट की तिथि तय की जाएगी।
17 दिसंबर 2017 को जगतपुर मोहन तालाब निवासी रईस मियां के बेटे अयान का अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन दोपहर के वक्त परिवार को फिरौती का पत्र दरवाजे पर पड़ा मिला था। शाम के वक्त डोहरा रोड पर बच्चे का शव बोरे में मिला। परिवार ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई तो पुलिस ने कुछ ही दिन बाद अयान के चाचा इरफान और उनके दोस्त निहाल को आरोपी बताकर जेल भेज दिया। तर्क दिया कि फिरौती का पत्र भी इन्हीं लोगों ने डाला। वहीं, परिवार ने कारोबारी दुश्मन बताते हुए हाजी फैसल नाम के व्यक्ति को आरोपी बनाया। दो बार विवेचना के बाद भी हकीकत पता नहीं लग सकी। अब परिवार की मांग पर कोर्च ने आरोपियों का नारको टेस्ट कराने की अनुमति दी है। पिछले दिनों एसपी सिटी को इरफान, निहाल और फैसल ने नारको टेस्ट के लिए अपनी स्वीकृति दे दी थी।