हाफिजगंज। गांव अहमदाबाद निवासी अवधेश कुमार (32) की सोमवार रात करंट लगने से मौत हो गई। वह खेत में पानी भरने के लिए मोटर चालू करने गए थे। अवधेश के पिता ने ट्यूबवेल स्वामी और मोटर स्वामी पर जानबूझकर कर कटे तार लगाने का आरोप लगाया है, जिससे बेटे की मौत हो गई। थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गांव के करन सिंह ने बताया कि उनका बेटा अवधेश सोमवार रात 11:00 बजे मजदूरी करने के लिए गांव में ही खेत में पानी भरने के लिए गया था। आशंका है कि खुले तार होने के कारण वहां करंट था। मोटर खोलने के दौरान अवधेश को करंट लग गया। सुबह तक घर न लौटने पर अवधेश को देखने वह खेत पर गए। वहां अवधेश का झुलसा शव देखकर करन सिंह बेहाल हो गए। परिजनों की सूचना पर मौके पर गई पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। करन सिंह ने ट्यूबवेल स्वामी और मोटर स्वामी पर जानबूझकर कर कटे तार लगाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अवधेश की मौत से गांव में मातम पसरा है। अवधेश मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत से पत्नी सीमा बेहाल हैं। उनके बेटे प्रिंस (6) और उदित राज (छह माह) की के पालन का संकट आ गया है।
मोटर के अवैध संचालन में दौड़ रहा हादसों का करंट
हाफिजगंज। करंट लगने से अवधेश कुमार की मौत के बाद गांवों में मोटर का अवैध संचालन का मामला चर्चा में आ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, खेतों में पानी भरने के लिए अधिकतर स्थानों पर ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर से सीधे तार जोड़कर कई मोटर चलाई जा रही हैं।
अहमदाबाद, सुंधियाव, नऊआ नगला, चंदुआ, सुंदरी आदि गांवों में ट्रांसफार्मरों के 500 मीटर से अधिक के दायरे में मोटरों के अवैध संचालन का जाल बिछा है। दूर लगे ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर पर केबल डालकर खेतों तक पहुंचाए जाते हैं। बिजली चोरी करके मोटर चलाई जाती है। किसानों को खेत भरने के लिए 100-110 रुपये प्रति बीघा की दर से रुपये लिए जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, अहमदाबाद में घटनास्थल के पास आधा दर्जन से अधिक मोटरें लगी हैं। खेतों में खुले तारों से हादसों का खतरा बना रहता है। अवधेश की मौत के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल किए हैं। उन्होंने विद्युत निगम से समय-समय पर जांच करने की मांग उठाई है।
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जहां हादसा हुआ है, वहां से सामान जब्त किया गया है। जांच की जा रही है कि यह मोटर किसने लगवाई थी। जेई को मौके पर भेजा है। लखनऊ की टीम आकर जांच करेगी। पीड़ित को मुआवजा दिया जाएगा। जहां-जहां अवैध तरीके से मोटर चलाई जा रही हैं, अभियान चलाकर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र सिंह, एसडीओ, चनुआ उपकेंद्र