बरेली। उर्स-ए-तहसीनी के मौके पर शाहदाना रेलवे मैदान पर ‘मसलके आला हजरत कांफ्रेंस’ का आयोजन किया गया। इसमें मसलके आला हजरत पर कायम रहने के साथ ही फिजूल खर्ची से बचने और सादगी से जिंदगी गुजारने पर जोर दिया गया। मौलाना ततहीर अहमद ने कहा कि फिजूल खर्ची ही लोगों को बेईमान बनाती है।
मौलाना शकील मिसवाही ने शादियों पर लाखों रुपये खर्च करने पर तंबीह की हिदायत दी। इससे पहले जानशीने सदरुल उलमा सूफी रिजवान रजा खां, मौलाना इरफानुल हक (खटीमा), मुफ्ती मुजम्मिल ने कहा कि सदरुल उलमा का फैज हासिल करने का सबसे आसान तरीका सादगी से जिंदगी गुजारना है। कांफ्रेंस बिलग्राम शरीफ खानकाह के नायब सज्जादा मौलाना सैयद सुहेल मियां वाहिदी की सरपरस्ती में संपन्न हुई। इसमें दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी ने सदरुल उलमा की शान में मनकबत का नजराना पेश किया। आखिर में खानकाह तहसीनी के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खां नूरी ने दुआ की। इस दौरोन सैयद कैफी, नईम तहसीनी, आजम तहसीनी, गयास खां आदि ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। निजामत मौलना नाजिर रजा ने की। आखिर में दरगाह के प्रबंधक सुहैब रजा खां ने सभी का शुक्रिया अदा किया।