बरेली। चौबारी क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे सेंट एंड्रयूज स्कूल और उससे जुड़े हालिया प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। यह टीम सेंट एंड्रयूज स्कूल की दोनों शाखाओं के साथ ही उस बीएल इंटरनेशनल स्कूल के दस्तावेजों को भी खंगालेगी, जिसके जरिये अवैध रूप से विद्यार्थियों के फॉर्म भरवाए जा रहे थे। जांच टीम को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देनी होगी। इससे पहले एडीएम सिटी ने भी इसी टीम से प्रारंभिक जांच कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर ही स्कूल प्रबंधन पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
फीस बकाया होने के नाम पर सेंट एंड्रयूज स्कूल प्रबंधन ने 12वीं के तीन छात्रों का प्रवेशपत्र रोक दिया था। इससे वह परीक्षा से वंचित रह गए। मामले ने तूल पकड़ा तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी मोर्चा खोल दिया। सूचना पर पहुंची सुभाषनगर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने प्रबंधक मोहित चंद्र ने यह कहकर बचने की कोशिश की कि उनका संस्थान स्कूल नहीं, बल्कि कोचिंग सेंटर है।
शुरुआती जांच में पता चला कि स्कूल के पास नौवीं से 12वीं तक की मान्यता नहीं है। स्कूल प्रबंधन अवैध रूप से बीएल इंटरनेशनल स्कूल के साथ मिलीभगत कर विद्यार्थियों के फॉर्म भरवाता है। बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि जांच समिति में दो खंड शिक्षा अधिकारियों और हाईस्कूल के एक शिक्षक को शामिल किया गया है। यह टीम इस डमी स्कूल के नेटवर्क और बीएल इंटरनेशनल से उसके जुड़ाव की जांच करेगी।