भोजीपुरा गन्ना समिति में अर्धनग्न होकर कड़ाके की ठंड में धरने पर बैठा फौजी।
भोजीपुरा। पूरी निष्ठा और लगन से देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले फौजी को भ्रष्ट सिस्टम ने इस कदर आहत कर दिया कि वह कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न होकर भोजीपुरा गन्ना समिति कार्यालय पर धरने पर बैठ गया। दरअसल, फौजी की पत्नी वर्ष 2020 में भोजीपुरा गन्ना समिति की सदस्य बनी थीं, लेकिन उनके सदस्य बनने का वर्ष 2020 की जगह 2030 अंकित कर दिया गया। इसे सही कराने के लिए फौजी एक साल से समिति के चक्कर काट रहा था। सोमवार को फौजी अर्धनग्न होकर धरने पर बैठा तो अफसरों ने आननफानन संशोधन कराकर शाम साढ़े चार बजे धरना खत्म करा दिया।
देवरनिया में रहने वाले मोहम्मद हसन खान फौज में हैं। उनकी पत्नी वसीम फातिमा के नाम जमीन है। वर्ष 2020 में वसीम फातिमा गन्ना सहकारी समिति भोजीपुरा की सदस्य बनी थीं, लेकिन समिति से जब कैलेंडर जारी हुआ तो उसमें सदस्य बनने का वर्ष 2020 की जगह 2030 अंकित कर दिया गया। इस वजह से उनकी सेमीखेड़ा चीनी मिल से गन्ना पर्ची नहीं आ रही थीं। पर्ची न आने पर उन्होंने जानकारी की तो समिति की इस गलती का पता चला।
फौजी मोहम्मद हसन इसमें संशोधन कराने गन्ना समिति दफ्तर पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें बहाने बनाकर टाल दिया। लिहाजा वर्ष 2020 में बोया गन्ना उन्हें बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ा। हसन जब भी छुट्टी आते गन्ना समिति कार्यालय में इस त्रुटि को सही कराने जाते, लेकिन हर उन्हें टाल दिया जाता। इस तरह चक्कर काटते-काटते एक साल से ज्यादा समय बीत गया। पिछले साल 27 दिसंबर को वह 40 दिन की छुट्टी लेकर आए तो फिर इस गलती को सही कराने के लिए समिति कार्यालय गए। सोमवार पूर्वाह्न 11 जब वह गन्ना समिति भोजीपुरा पहुंचे तो लिपिक ने संशोधन के लिए लखनऊ पत्र भेजने की बात कहकर टरकाना चाहा, इससे नाराज होकर हसन खान कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न होकर समिति कार्यालय में धरने पर बैठ गए। इसकी खबर लगने पर शाम करीब साढ़े चार बजे नवाबगंज गन्ना समिति के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मणिकांत और भोजीपुरा के जेएस भदौरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने आननफानन संशोधन कराकर उनका धरना समाप्त कराया।