फरीदपुर। 108 एंबुलेंस से सीएचसी जा रही निमोनिया पीड़ित बुजुर्ग महिला को ईएमटी और पायलट ने 300 मीटर पहले उतारकर लौट गए। मामला बढ़ने पर वापस अस्पताल पहुंचकर औपचारिक एंट्री कराई। आशा कार्यकर्ता ने महिला को खुद ही रास्ते में उतरवाने की बात कही।
प्रकरण से मरीजों को बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने का दावा करने वाली 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों की बेपरवाही सामने आई। एंबुलेंस से महिला मरीज को अस्पताल से पहले उतारने का वीडियो मौजूद लोगों ने बनाते रहे। फरीदपुर सीएचसी के डॉ. धर्मेंद्र के मुताबिक, बिथरी चैनपुर की रहने वाली 66 वर्षीय वृद्ध महिला वर्मा देवी सप्ताहभर से निमोनिया से ग्रसित हैं। सीएचसी पर इलाज चल रहा है। सांस की समस्या बढ़ने पर शुक्रवार को परामर्श के लिए अस्पताल आई थीं। इन्हें साथ लेकर स्थानीय आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं।
आशा कार्यकर्ता ने बताया कि तकलीफ बढ़ने पर बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए लेकर पहुंची थीं। सांस की परेशानी और कमजोरी के चलते महिला को चलने में दिक्कत हो रही थी। देर शाम आशा कार्यकर्ता ने वीडियो जारी कर कुबूल किया कि सीएचसी पास थी। रास्ते में एक बुग्गी आने से एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकती थी इसलिए उसने ही रास्ते में उतारने को कहा था। फिर पैदल लेकर पहुंची। चिकित्साधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने मामले की जांच और उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही है।