अलीगंज। गांव भजनई के पास सोमवार को संरक्षित पशुओं के सिर कटे दो शव मिलने पर हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने आठ नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट की है। उनपर ग्राम प्रशासकों ने 25 हजार रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है।
भजनई गांव के पास मिले पशुओं के दफनाने के लिए ग्राम प्रशासक नेमवती ने जेसीबी मशीन को भेजा था। सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए अलीगंज-सिरौली मार्ग पर जाम लगाया था। इस दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद नेमवती ने अलीगंज पुलिस को तहरीर दी थी कि 20-25 लोगों ने मृत पशुओं के शवों को दफन कराने का विरोध किया था। उन लोगों ने खुद को हिंदूवादी संगठनों का पदाधिकारी बताया। 25 हजार रुपये भी मांगे, न मिलने पर बवाल करने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर अलीगंज पुलिस ने हर्ष गुप्ता, रितिक गुप्ता, नवीन ठाकुर, विकास शर्मा, सचिन शर्मा, प्रदीप गुप्ता, हिमांशु, अमन शर्मा और 20-25 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
दूसरे पक्ष ने भी दी तहरीर
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मृत गोवंशों को बिना प्रक्रिया के दफनाने, कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी, रंगदारी वसूली के फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। हर्ष गुप्ता, रितिक गुप्ता, नवीन ठाकुर, विकास शर्मा आदि लोगों का कहना है कि वह लोग गोवंशों की देखभाल करते हैं। सोमवार को संदिग्ध हालात में शव मिले तो देर तक कोई मौके पर नहीं आया। आरोप है कि भजनई की प्रशासक की कॉल कार्यकर्ता नवीन ठाकुर के पास आई। उन्होंने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।
वर्जन,
एक ओर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दूसरे पक्ष की तहरीर मिली है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - हेमंत उपाध्याय, सीओ आंवला
प्रशासन की बुलाई बैठक में कोई नहीं पहुंचा
गुलड़िया। अलीगंज-सिरौली मार्ग पर पशुओं के शव सोमवार को मिले। इसके विरोध में हिंदू संगठनों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने मंगलवार को तहसील सभागार में बैठक बुलाने के लिए कहकर मामला शांत कराया था। बैठक में इलाके के प्रशासकों को बुलाया गया था, लेकिन कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति बैठक में नहीं पहुंचा जिससे प्रशासन को इसे स्थगित करना पड़ा। गुलड़िया के प्रशासक ज्ञानचंद ने पुलिस-प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। भजनई प्रशासक नेमवती ने कहा, अराजक तत्वों ने शव दबाने से रोका था। एसडीएम सुशील मिश्रा ने बताया कि गो आश्रय संरक्षण संबंधी होने वाली आगामी बैठक में इस विषय पर चर्चा की जाएगी।