बरेली। महिला अस्पताल में इलाज के लिए सोमवार को गंभीर हालत आई प्रसूता की भर्ती होने के घंटेभर बाद माैत हो गई। चिकित्सकों ने पोस्टपार्टम हैमरेज (प्रसवोत्तर रक्तस्राव) से मौत की आशंका जताई है। मृतका का शव लेकर परिजन घर लौट गए। किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
अस्पताल स्टाफ के मुताबिक, दो दिन पूर्व आंवला के नगरिया निवासी रमनपाल की पत्नी नीरजा को प्रसव पीड़ा हुई थी। परिजन उसे आंवला सीएचसी ले गए थे। वहां सामान्य प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित थे। प्रसव के दिन ही शाम तक परिजन जबरन जच्चा-बच्चा को डिस्चार्ज करा ले गए थे। रविवार रात नौ बजे प्रसूता को रक्तस्राव शुरू हुआ। परिजन सीएचसी पहुंचे पर तब तक हालत बिगड़ गई थी। सोमवार सुबह दस बजे उसे महिला अस्पताल रेफर किया गया। दोपहर करीब 12 बजे परिजन प्रसूता को लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, पर घंटेभर में ही उसकी मौत हो गई।
सीएमएस त्रिभुवन प्रसाद के मुताबिक, सामान्य प्रसव होने पर भी प्रसूता को करीब 48 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है। क्योंकि, कई बार रक्तस्राव की आशंका रहती है। अस्पताल में तत्काल नियंत्रण की कवायद शुरू होने से बचाव की उम्मीद होती है। घर पर यह मुमकिन नहीं।
पीपीएच से चार गर्भवतियों की हो चुकी है मौत
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पोस्टपार्टम हैमरेज (पीपीएच) से अप्रैल से अक्तूबर तक शेरगढ़ वसुधरन जागीर की नाजरीन, बहेड़ी खमरिया की माया देवी, मझगवां अमरौली की पिंकी, दलेलनगर हरदासपुर की सुनीता की मौत हुई है। सीएमएस ने बताया कि प्रसव के बाद जब गंभीर रक्तस्राव होता है तो सदमे और शरीर के अंग में अपर्याप्त रक्त प्रवाह से हाइपोवोल्मिक शाॅक से मृत्यु की आशंका रहती है। ब्यूरो