बरेली। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आवास के लिए मिलने वाली सरकारी सहायता की चाह पक्के मकान व कार वालों को भी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आए आवेदनों के सत्यापन के दौरान ऐसे 35,669 मामले सामने आए हैं। जांच में अपात्र मिलने के बाद ऐसे आवेदन खारिज कर दिए गए।
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस बार आवास के लिए कुल 65,804 लोगों ने आवेदन किया। जांच के दौरान 35,669 आवेदक अपात्र पाए गए। 30,134 आवेदक पात्र हैं। इनको आवास दिलाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
योजना के तहत जुलाई 2025 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 15 मई तक आवेदन लिए गए। 25 मई तक जिला स्तर से बनाई गई कमेटी से सत्यापन कराया गया। इसी में यह खुलासा हुआ। हालांकि, शासन ने पात्रता जांच की समयसीमा बढ़ाकर दो जून कर दी है।
23,464 लोगों को दिए गए आवास
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2016-17 से चल रही है। अब तक 23,464 आवास बनाए जा चुके हैं। इसका लाभ बीपीएल राशन कार्ड धारक परिवारों को दिया जाता है। 1.20 लाख रुपये प्रत्येक लाभार्थी को दिए जाते हैं। इसके अलावा 90 दिन की मजदूरी स्वयं करनी पड़ती है।
अब तैयार की जाएगी क्रमिक सूची, नहीं जुड़ेगे नए नाम
स्वीकृत आवेदनों को ब्लॉक से ग्राम पंचायतों को भेजा जाएगा। वहां ग्रामसभा की बैठक में अनुमति लेकर क्रमिक सूची बनाई जाएगी। इसके बाद इस स्थायी प्रतीक्षा सूची को बीडीओ जांच कर ऑनलाइन फारवर्ड करेंगे। इसके बाद भी किसी को कोई आपत्ति हो तो वह जिला स्तर पर गठित अपीलीय कमेटी के समक्ष शिकायत कर सकता है। इसकी जांच होगी। कोई अपील नहीं मिलने पर सूची प्रदेश सरकार को और वहां से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। फिर उस सूची को फ्रीज कर दिया जाएगा। इसी सूची के आधार आगे पांच साल तक क्रमश: पात्रों को लाभ दिया जाएगा। इसमें नए नाम नहीं जुड़ सकेंगे।
वर्जन
65,804 आवेदनों में से जांच के बाद 30,134 स्वीकार किए गए हैं। कई ऐसे लोगों ने भी आवास के लिए आवेदन किए हैं, जिनके पास पहले से ही पक्का या दो मंजिला मकान, गाड़ी है। इनके आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। - चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए