मीरगंज/नवाबगंज। तहसील मीरगंज और नवाबगंज की सड़कें विभाग की लापरवाही और भारी वाहनों के बोझ तले दम तोड़ रही हैं। नथपुरा-जाम मार्ग पर गड्ढे हैं। पुलिया का निर्माण अधूरा है। दूसरी ओर नवाबगंज-कुंडरा कोठी मार्ग पर उड़ती धूल से 50 गांवों की आबादी परेशान है। जनप्रतिनिधियों के पत्र और ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद लोक निर्माण विभाग केवल आश्वासनों तक सीमित है।
50 गांवों के लोगों को परेशानी
नवाबगंज से कुंडरा कोठीमार्ग की लंबाई 16 किमी है। इसपर जगह-जगह गुड्ढे हो गए हैं। इससे 50 गांवों के लोगोंका आवागमन होता है। उत्तराखंड जाने वाले राहगीरों को इस जर्जर मार्ग से गुजरना पड़ताहै। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दक्रिक्त बढ़ जाती है। शारदा खंड से निकालीनहर के कारण सड़क संकरी होती जा रही है। मिट्टी से भरे डंपर गुजरने से मार्ग और भीजर्जर होता जा रहा है। विधायक एमपी आर्य ने विधानसभा में इस मार्ग की मरम्मत और चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया है।
पुल अधूरा और पेयजल की सुविधा भी नहीं
मीरगंज तहसील क्षेत्र में नथपुरा से जाम तक का 22-25 किमी के मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। यह मार्ग जाम, असदनगर, भैरपुरा, खमरिया आजमपुर, सिरौधी अंगदपुर, बहरोली, करमपुर, सिमरिया, लभेड़ा दुर्गा प्रसाद, रम्पुरा समेत 16-18 गांवों को जोड़ता है। जाम चौराहे से खमरिया आजमपुर तक मार्ग जर्जर हो गया है। जाम चौराहे से पहले बनाई गई पुलिया का निर्माण भी अधर में लटका है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों की सुविधा के लिए हैंडपंप भी नहीं है। इससे लोगों को गर्मी में परेशानी होती है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। पीडब्ल्यूडी के जेई कुलदीप कुमार ने बताया कि मामला अब जानकारी में आया है कि रोड पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। शीघ्र ही मरम्मत कराई जाएगी।
गर्भवतियों और मरीजों को परेशानी - ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरने पर गंभीर मरीजों और गर्भवतियों को अस्पताल तक का रास्ता तय करने में बहुत दिक्कत होती है।