बरेली। नगर पालिका आंवला के कर्मी पर चार लाख रुपये गबन का मामला सामने आया है। साथ ही, वहां कई कर्मियों की नियुक्तियां भी अवैध बताई जा रही हैं। कार्रवाई न होने पर उप निदेशक स्थानिक निधि लेखा परीक्षा विभाग लगातार पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने ऑडिट रिपोर्ट पर ही सवाल उठाया है। कहा कि संबंधित कर्मी ने कोई गबन नहीं किया है।
लेखा परीक्षा विभाग के उप निदेशक आशीष वार्ष्णेय ने नौ सितंबर को आंवला निकाय के ईओ को पत्र लिखकर बताया है कि वर्ष 2022-23 की ऑडिट में पालिका कर्मी अनिल कुमार के विरुद्ध 4.01 लाख रुपये के गबन का गंभीर मामला सामने आया है।
इस विषय में पालिका की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किया जाना और आपत्ति का उत्तर न देना वित्तीय अनुशासन के विपरीत है। अनिल कुमार पर पांच रसीदों से वसूली गई धनराशि को पालिका कोष में जमा नहीं करने का आरोप है। उप निदेशक ने एक अगस्त को भी ईओ को पत्र लिखा था, पर पालिका की ओर से कोई उत्तर नहीं मिला।
11 सितंबर को दूसरा पत्र लिखकर उप निदेशक ने ईओ से ऑडिट आपत्तियों पर 30 दिन के अंदर साक्ष्य समेत अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। ईओ ने यह रिपोर्ट भी अब तक उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर उन्होंने प्रदेश के स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच संबंधी समिति को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी भी दी है।