बरेली। जिले में सोमवार की रात आई आंधी ने बड़ा बिजली संकट खड़ा कर दिया। बमुश्किल पांच मिनट के लिए आई आंधी के बाद मंगलवार को देर शाम तक कई इलाकों में आपूर्ति बहाल हो पाई। भीषण गर्मी में दिनभर लोग परेशान हुए। विद्युत निगम के अधिकारियों ने सही जवाब भी नहीं दिया।
आंधी आते ही शहर के सभी 27 उपकेंद्र बंद कर दिए गए थे। आंधी थमने के बाद बारी-बारी से इन्हें चालू किया गया तो लोकल फाल्ट के चलते कई इलाकों में आपूर्ति पहुंची ही नहीं। इसके बाद फाल्ट खोजने और उनकी मरम्मत का सिलसिला शुरू हुआ।
किला उपकेंद्र को करीब साढ़े चार घंटे बाद चालू किया जा सका। यहां 20 हजार से अधिक आबादी बिजली संकट से जूझती रही। मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि सीबीगंज के सनौआ रोड पर 33 केवी लाइन पर गिरी पेड़ की डाल को हाइड्रा से हटाया गया।
मढ़ीनाथ में 33 केवी लाइन के दो तार आपस में चिपक जाने के कारण आपूर्ति बंद हो गई। इसे रात करीब एक बजे ठीक किया जा सका। जगतपुर उपकेंद्र के सभी फीडरों पर रात 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। 10 मिनट के बाद फिर बिजली चली गई, 1:30 बजे आपूर्ति आने के बाद तीन बजे बिजली गुल हो गई।
मंगलवार को यहां उपभोक्ता दिनभर परेशान रहे। हरूनगला उपकेंद्र से पोषित रामगंगानगर के सेक्टर चार में मंगलवार को भोर में करीब चार बजे गई बिजली पूर्वाह्न 10 बजे आई। इससे घरों में पानी की आपूर्ति भी बाधित रही। शिव गार्डन में करीब 12 घंटे बाद शाम चार बजे आपूर्ति चालू हो सकी। उपभोक्ताओं ने कई बार इसकी शिकायत विद्युत निगम के हेल्प डेस्क व अधिकारियों से की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।
किला के बड़ा बाजार में पूरी रात ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। सराय तल्फी उपकेंद्र से पोषित साउथ सिटी में दिनभर बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। इससे इफको कॉलोनी, रामचंद्रपुरम, विवेक विहार, तिरुपतिधाम कॉलोनी के उपभोक्ता परेशान रहे। सुभाषनगर में भी यही स्थिति रही।
दुर्गानगर उपकेंद्र से जुड़े संजय नगर में बंच केबल जलने के कारण शाम को चार बजे से सात बजे तक आपूर्ति ठप रही। ग्रामीण क्षेत्रों में फरीदपुर उपकेंद्र से जुड़े रजऊ परसपुर में रात 9:30 बजे आंधी आने के बाद आपूर्ति बंद हुई थी। यहां मंगलवार को शाम करीब छह बजे आपूर्ति चालू हो सकी। कई इलाकों में देररात तक बिजली नहीं आई।
200 खंभे उखड़े, 15 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त
सोमवार रात आई आंधी के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में करीब 200 खंभे उखड़ गए। 15 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। जगह-जगह तार भी टूट गए। इस वजह से दर्जनों गांवों में बिजली संकट रहा। शहर में भी बीसलपुर रोड के किनारे बिजली का खंभा उखड़ गया।
वर्जन :
शहरी क्षेत्रों में सभी उपकेंद्रों को रात में ही चालू करा दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन फीडरों पर समस्या है, उसका समाधान कराया जा रहा है। - ज्ञान प्रकाश, मुख्य अभियंता, विद्युत वितरण खंड प्रथम