दोषियों में पिता, दो पुत्र और दो पौत्र शामिल, भरना होगा 20-20 हजार रुपये जुर्माना
बरेली। फरीदपुर के गांव गुलाबनगर निवासी किसान मोती सिंह की हत्या के पांच दोषियों नरसिंह, उसके बेटे रमेश और मैकू, मैकू के बेटे गिरिंद और राजवीर को अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को तीन-तीन माह अतिरिक्त कारागार में बिताना होगा। न्यायाधीश ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की नजीर देते हुए मृतक के आश्रितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
गांव निवासी महेंद्र सिंह की ओर से 29 सितंबर 2018 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, उनके भाई मोती सिंह दोपहर दो बजे खेत से लौट रहे थे। गांव के ही नरसिंह ने अपने कुनबे के साथ उन्हें घेर लिया। मैकू सिंह के पास लाइसेंसी बंदूक थी। सभी ने मोती सिंह को लाठी-डंडों से पीटा और बांका मारकर घायल कर दिया। उसी दिन मोती सिंह को सीएचसी फरीदपुर में भर्ती कराया गया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मारपीट और कातिलाना हमले की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इलाज के दौरान नौ अक्तूबर को मोती सिंह की मौत हो गई। इसके बाद मामला हत्या की धाराओं में तरमीम किया गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने जनवरी 2022 में चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह और 16 साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने पांचों आरोपियों को मोती सिंह की हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। संवाद
-
हवलदार की पत्नी की हत्या के दोषी जाट रेजिमेंट के सिग्नल मैन को उम्रकैद
बरेली। कैंट क्षेत्र में आईबीजीएच लाइन के क्वार्टर में रहने वाले हवलदार मनोज सेनापति की पत्नी सुदेशना की हत्या के दोषी जाट रेजिमेंट के सिग्नल मैन गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के गांव मझोली निवासी नितीश पांडेय को अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने उम्रकैद और 22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कैंट थाना क्षेत्र के यूबी एरिया सिग्नल रेजिमेंट के मेजर अनुभव मलिक ने 13 मार्च 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हवलदार मनोज सेनापति की पत्नी सुदेशना की उनके सरकारी क्वार्टर में गला रेतकर हत्या कर दी गई है। मनोज सेनापति यूबी एरिया सिग्नल रेजिमेंट में हवलदार के पद पर तैनात हैं। मनोज की सात साल की बेटी अजीता स्कूल से लौटी तो मां का शव बेड पर पड़ा देखा। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की।
अजीता ने बयान दिया कि उसने नितीश पांडेय को अपने आवास की ओर से तेजी से निकलते हुए देखा था। मनोज ने बयान में बताया कि उसका नितीश से विवाद चल रहा था। नितीश कई बार उसको जान से मारने की धमकी दे चुका था। उसने ऑडियो रिकाॅर्डिंग भी उपलब्ध कराई। विवेचना के दौरान नितीश पांडेय का नाम प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कैंट पुलिस ने 10 अक्तूबर 2023 को चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह और 27 साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नितीश पांडेय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। संवाद