बरेली। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ए, बी, एबी निगेटिव ग्रुप का खून उपलब्ध नहीं है। निगेटिव में सिर्फ चार यूनिट रक्त ओ ग्रुप का ही है। ऐसे में किसी मरीज को रक्त की जरूरत होगी तो परिजनों को संबंधित ग्रुप का रक्तदाता साथ लेकर जाना होगा। अन्यथा रक्त की कमी जान पर भारी पड़ सकती है।
ब्लड बैंक की रिपोर्ट पर गौर करें तो इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे अप्रैल से अब तक करीब दो सौ मरीज, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के तीमारदार किन्हीं वजहों से रक्तदान नहीं कर सके। इन्हें रक्तदाताओं से प्राप्त खून ही उपलब्ध कराया गया। ऐसे ही हीमोफीलिया और थैलेसीमिया पीड़ितों को भी रक्त चढ़ा।
इसी बीच करीब डेढ़ सौ यूनिट रक्तदान हुआ। उपलब्धता से ज्यादा यूनिट का उपयोग होने पर अब ब्लड बैंक में रक्त की कमी हो गई है। निगेटिव ग्रुप का खून खत्म हो चुका है। हालांकि, पॉजिटिव ग्रुप ए, बी, एबी, ओ का 49 यूनिट खून ब्लड बैंक में उपलब्ध है।
निगेटिव ब्लड ग्रुप खत्म होने पर लोगों की जान बचाने के लिए ब्लड बैंक के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार ने महादानियों की सूची बनाई है। जिन्हें कॉल कर स्वैच्छिक रक्तदान का अनुरोध कर रहे हैं।
रक्तदान से सुधरती है सेहत, होती है निशुल्क जांचें
एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा का कहना है कि एक यूनिट रक्तदान से तीन लोगों की जान बचती है। साथ ही, रक्तदाता को भी कई लाभ होते हैं। कोई भी स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन माह बाद रक्तदान कर सकता है। रक्तदान से पूर्व व्यक्ति की सेहत संबंधी और रक्तदान के बाद रक्त संक्रमण संबंधी कई निशुल्क जांचें होती हैं। समय से बीमारियों का पता चलने पर उनका इलाज करा सकते हैं।
14 जून को रक्तदान कर किसी की जान बचाएं
रक्त के अभाव में किसी व्यक्ति की सांस न थमे इसलिए अमर उजाला की ओर से 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर तीन सौ बेड अस्पताल में शिविर आयोजित किया जा रहा है। शहरवासियों से अपील है कि वे बढ़-चढ़कर रक्तदान करें। ताकि जिला अस्पताल पहुंच रहे गंभीर मरीज और दुर्घटनाग्रस्त लोगों की जान का संकट न रहे। ब्यूरो
किस ग्रुप के कितने यूनिट उपलब्ध
ब्लड ग्रुप उपलब्धता
ए निगेटिव 00
बी निगेटिव 00
ओ निगेटिव 04
एबी निगेटिव 00
ए पॉजिटिव 18
बी पॉजिटिव 13
ओ पॉजिटिव 14
एबी पॉजिटिव 04
नोट : आंकड़े जिला अस्पताल ब्लड बैंक से प्राप्त।