बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब शहर को इंदौर और अहमदाबाद की तर्ज पर जीरो वेस्ट सिटी बनाने की तैयारी है। इसके लिए सथरापुर में 600 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का संयंत्र लगेगा। इसके जरिये शहर से रोजाना निकलने वाले 420 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा। साथ ही, अगले डेढ़ साल में बाकरगंज में बने नौ लाख मीट्रिक टन कूड़े के पहाड़ को भी खत्म करने की तैयारी है। बाकरगंज में फिलहाल लाखों मीट्रिक टन कूड़ा एकत्र है। साथ ही, शहर से रोज निकलने वाला 420 मीट्रिक टन कूड़ा भी यहीं डंप हो रहा है। इस वजह से शहर की स्वच्छता रैंकिंग प्रभावित हो रही है। सथरापुर में जल्द प्लांट लगवाने और उसे संचालित कराने के साथ बाकरगंज के प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित कराने की चुनौती सामने है। अब नगर निगम की तैयारी है कि अगली रैंकिंग जारी होने से पहले कूड़ा निस्तारण क्षमता बढ़े। नया कूड़ा न डंप होने पाए।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सथरापुर में 21.18 करोड़ की लागत से सॉलिट वेस्ट मैनेजमेंट के लिए स्थान तैयार किया गया है। वहां 600 मीट्रिक टन क्षमता का प्लांट लगाकर कूड़ा निस्तारित करने के लिए दस निजी कंपनियां आगे आई हैं। उनकी तकनीकी और वित्तीय क्षमता का आकलन किया जा रहा है। माहभर में किसी एक कंपनी का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद चयनित कंपनी प्लांट लगाकर कूड़े का निस्तारण करेगी। तब कूड़ा बाकरगंज नहीं जाएगा और वहां पहले से डंप कूड़े का पहाड़ दिन-प्रतिदिन कम होने लगेगा। वर्ष 2025 की रैंकिंग जारी होने से पहले चुनौतियों से निपटते हुए शहर को जीरो वेस्ट सिटी बनाएंगे। ब्यूरो