बरेली/बिथरी चैनपुर। जमीन के विवाद में किसान को बेरहमी से पीटने के बाद सरिया से गला दबाकर हत्या कर दी गई। मृतक के बेटे ने अपने पिता के तहेरे भाई, भतीजे और सदर तहसील के एक लेखपाल समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम में भी किसान की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है।
घटना बुधवार रात बिथरी चैनपुर क्षेत्र के गांव बिचपुरी में हुई। बिचपुरी के 50 वर्षीय नंदलाल बेटे दशरथ के साथ खेत पर फसल की रखवाली करने गए। दशरथ रात करीब आठ बजे घर लौट गया। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे वह खेत पर पहुंचा तो नंदलाल की लाश घुइया के खेत में पड़ी थी। गले से खून निकल रहा था। पास ही में खून से सनी लोहे की सरिया भी पड़ी थी। सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। नंदलाल के शरीर पर चोटों के करीब डेढ़ दर्जन निशान पाए गए। दशरथ ने अपने पिता के तहेरे भाई ओमप्रकाश, उसके बेटे पप्पू, जानकी प्रसाद और जोगी नवादा निवासी लेखपाल जगतपाल के खिलाफ थाना बिथरी में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
परिजनों के मुताबिक नंदलाल के छोटे भाई नन्हेलाल के औलाद नहीं थी। उनकी 16 बीघा जमीन वर्ष 2000 में तहेरे भाई ओमप्रकाश ने अपने नाम करा ली था। इस पर नंदलाल ने सन् 2001 में धोखाधड़ी का मुकदमा ओमप्रकाश के खिलाफ लिखा दिया। कुछ समय बाद नन्हेलाल की हत्या हो गई और उसका शव भी गायब कर दिया गया लेकिन आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ओमप्रकाश नंदलाल पर धोखाधड़ी का मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। उसने आठ बीघा जमीन का लेखपाल जगतपाल के नाम बैनामा करा दिया था। इसी रंजिश के चलते नंदलाल की हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने बताया कि आरोपी और उनके परिवार वाले घरों से फरार है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
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पांच दिन में दूसरी हत्या
बिथरी चैनपुर के गांव बिचपुरी में पांच दिन में हत्या की दूसरी वारदात हो गई। इससे गांव में दहशत का माहौल है। इससे पहले 19 जुलाई की रात सत्यप्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसमें उसके सौतेले पिता श्यामा चरन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।