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सफेद झूठ बोलते हैं डीपीआरओ टीसी पांडेय

Wed, 16 Jul 2014 05:34 AM IST
Bareilly
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बरेली। हाथ से मैला उठाने की प्रथा पर पूर्ण पाबंदी का अनुपालन कराने के मामले में बरेली के जिला पंचायत राज अधिकारी (़डीपीआरओ) टीसी पांडेय झूठ बोलते हैं और वह भी एकदम सफेद। यूनिसेफ की टीम बरेली पहुंचने की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा कि कहीं भी शुष्क शौचालय नहीं है और ना ही कोई मैला ढो रहा है। इस झूठ के सच की बानगी देखिए।
पहला : दृश्य आंवला तहसील क्षेत्र का है। रामनगर ब्लाक के गांव शहबाजपुर, हरदासपुर, केसरपुर, अजमेर और पट्टी कुर्की में मंगलवार को भी कई घरों में उठाऊ शौचालय चालू हालत में दिखाई दिए। मंझगवा ब्लाक के गांव चंदनपुर और चुरहा मेेेेेेेेेेेेेें मंगलवार को भी मैलाउठाया गया। इसी तरह सिरौली नगर पंचायत में दो सौ से ज्यादा और बिशारतगंज नगर पंचायत में चार दर्जन से अधिक घरों में उठाऊ शौचालय अभी भी चलते मिले। (फोटो...- मंगलवार को आंवला के मुहल्ला खेडा में मैला ढोती महिला)
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दूसरा : दृश्य मीरगंज क्षेत्र का है। यहां सुजातपुर गांव के बुजुर्ग बली खां, इकलास हुसैन बोले-सात-आठ साल पहले सोख्ता वाले शौचालय बने थे। हर छमाही-साल में इनके टैंकों की सफाई करानी पड़ती है। नंदगांव ग्राम के ज्यादातर घरों में सोख्ता शौचालय ही हैं। नत्थूलाल राठौर, रामचरन राठौर, मंगली, रामचरन मौर्य, दोदी, लाखन श्रीवास्तव, मोतीराम, सुखलाल मौर्य, नरायन, मोहम्मद रजा, अकबर हुसैन, ओमकार, रमेश, शम्सुद्दीन, कैलाश, परमानंद मौर्य, प्रेमपाल जाटव, हरीश कुमार जाटव और अंगनलाल श्रीवास्तव आदि ने अपन घरों के शौचालयों के पिछवाड़े पीवीसी पाइप लगवा दिए हैं। इन शौचालयों का मैला पाइपों के जरिए तालाब में गिरता है। शोबी, कोटेदार के भाई शबाबउद्दीन उर्फ गुड्डू, फरमूद, शहाबुद्दीन, मेराजउद्दीन के घरों में अभी भी ऐसे शौचालय हैं। (

डीपीआरओ टीसी पांडेय इस प्रकरण में शुरू से ही गलत जानकारी देते रहे। प्रतिबंधित प्रथा जारी रहने की बात अमर उजाला ने गत जून माह के अंत में प्रमुखता से प्रकाशित की तो आला प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर गंभीर संज्ञान लिया। तब 29 जून को कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने शुष्क शौचालय तोड़ने और मैला ढुलाने वालों पर एफआईआर कराने का निर्देश दिया तो 30 जून को डीएम संजय कुमार ने इसकी संस्तुति डीपीआरओ टीसी पांडेय को शाम को दे दी। लेकिन तीन जुलाई की दोपहर तक एफआईआर दर्ज करने के लिए पत्रक ही बिथरी चैनपुर थाना तक नहीं पहुंचा। सच यह भी है कि 30 जून को उन्होंने खुद 59 गांवों में 4270 शुष्क शौचालय होने की रिपोर्ट दी थी। उसमें मझगवां के शिवपुरी में 202, जैतपुर शरीफपुर में 287, अतरछेड़ी में 270, अलीगंज में 233, गैनी में 378 और सत्तारनगर में 165 शुष्क शौचालय होने का उल्लेख था। बिथरी चैनपुर के जिस उडला जागीर और उदयपुर जसरथपुर गांव की खबर अमर उजाला ने सचित्र प्रकाशित की थी, सिर्फ वहीं उन्हें तुड़वाने की कार्रवाई हुई अन्यत्र कहीं नहीं।

डीपीआरओ का पक्ष
सारे ब्लाक के एडीओ पंचायत ने रिपोर्ट दी है कि सारे उठाऊ शौचालय बंद हो चुके हैं। और कहीं मैला नहीं उठाया जा रहा है, अगर उनकी रिपोर्ट गलत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर सर्वे करा लेंगे, जहां-जहां उठाऊ शौचालय चालू मिलेंगे, एफआईआर करा देंगे। --टीसी पांडेय, डीपीआरओ
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मैला ढोने वालों ने पुनर्वास के लिए किया प्रदर्शन
आंवला। मैला ढोने पर रोक लगाने से नाराज अलीगंज के गैना गांव के लोग मंगलवार को तहसील दिवस में पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शन कर रोजगार की मांग की। बाद में लोगों ने े एसडीएम पुष्पा देवरार से मुलाकात की और समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया। प्रदर्शन करने वालों में रामवती, कंचन, किरन, नन्कू, गुड्डू और रामदास आदि शामिल थे।
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