बरेली। उठाऊ शौचालय की स्थिति देखने बरेली पहुंची यूनीसेफ की स्टेट चीफ नीलोफर पुरजान ने अपनी टीम के साथ मंगलवार को आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के गांव सिरोही और मझगवां ब्लाक के गांव अखा का दौरा किया। अखा में गंदगी के ढेर देखकर नीलोफर के मुंह से निकला- उफ, इतनी गंदगी। यहां सफाई नहीं होती क्या। उन्होंने गांव वालों को समझाया कि नियमित सफाई करवाइए, इससे आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। ग्रामीणों ने शिकायत की कि पंचायत सफाई कर्मी नियमित साफ-सफाई नहीं करते हैं। टीम के गांव में पहुंचने की सूचना पाकर यहां एक दिन पहले उठाऊ शौचालय तुड़वा दिए। इस पर टीम ने एडीओ पंचायत से कहा कि उठाऊ शौचालय तुड़वाना तभी सार्थक होगा, जब इनकी जगह स्वच्छ शौचालय भी बनवा दिए जाएं।
अखा के बाद यूनीसेफ की टीम ने सिरोही गांव का दौरा किया। यहां एक घंटे से ज्यादा समय तक टीम ने कई शौचालय देखे। निर्मल भारत योजना के तहत बनवाए गया एक शौचालय उन्हें अधूरा मिला। लाभार्थी ने शिकायत की कि इसका गड्ढा नहीं बनवाया जा रहा है। प्राइमरी स्कूल के शौचालय की बाहर से रंगाई-पुताई तो की गई थी लेकिन इसे शुरू नहीं किया गया था। टीम ने टीचरों से कहा कि इसे जल्द शुरू कराया जाए। गांव की नाजरीन ने टीम से अपने यहां शौचालय न बनाए जाने की शिकायत की। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी जयराम ने सफाई दी कि इन्होंने कभी नहीं बताया कि उनके यहां शौचालय नहीं है। टीम ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण भी किया और बाल पोषाहार के वितरण की स्थिति जानी। सीएमसी समीरा बेगम से टीकाकरण के बारे में जानकारी ली। प्रसव के बारे में पूछा तो कार्यकत्री तारा बी ने बताया कि 50 प्रतिशत प्रसव अस्पताल में होते हैं और 50 प्रतिशत घर में। ग्राम प्रधान बाबा अमृतलाल खाकी ने यूनीसेफ टीम का स्वागत किया। यूनीसेफ की टीम में स्टेट चीफ नीलोफर के साथ यूनीसेफ के स्टेट मुख्यालय की जल एवं स्वच्छता अधिकारी भावना वाजपेयी और स्टेट पोलियो प्रोजेक्ट आफीसर डॉ. निर्मल देव शामिल रहे। इस दौरान एडीओ पंचायत राजकुमार और ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे।
कमिश्नर को दी रिपोर्ट
गांवों में दौरे के बाद यूनीसेफ की स्टेट चीफ नीलोफर ने अपनी टीम के साथ शाम को कमिश्नर के रविंद्र नायक से मुलाकात की और दोनों गांव में मिली स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने जिले में चार हजार से ज्यादा उठाऊ शौचालय होने पर आपत्ति जताई। यूनीसेफ की यह टीम बुधवार को बदायूं जिले में पहुंचेगी।