बरेली। यूनिवर्सिटी के पीछे जुआ खेल रहे दो गुटों में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों में जमकर मारपीट हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय के सामने ही तुलसीनगर के पास फायरिंग शुरू हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक युवक को बाइक और तमंचे समेत पकड़कर हवालात में डाल दिया।
पुलिस के मुताबिक, रविवार को जोगीनवादा निवासी डेयरी मालिक नन्हें यादव और दुर्गानगर निवासी सिपाही के बेटे आलोक सिंह दिनदहाड़े यूनिवर्सिटी के पीछे जुआ खेल रहे थे। नन्हें यादव ने आलोक सिंह से दस हजार रुपये जीत लिए। बात बढ़ी तो आलोक सिंह ने अपने भाई आकाश को बुला लिया। दोनों भाईयों ने नन्हें से मारपीट कर दस हजार रुपये छीन लिए। इसके बाद नन्हें यादव देख लेने की धमकी देता हुआ तुलसीनगर की तरफ चला आया। उसने अपने साथियों को यूनिवर्सिटी के सामने तुलसीनगर के पास बुला लिया। इधर अलोक, उसका भाई और दोस्त विमल गुप्ता भी पहुंच गए। शाम करीब साढ़े चार बजे दोनों गुटों ने फायरिंग शुरू कर दी। सूचना मिलते ही जोगीनवादा चौकी इंचार्ज गजेंद्र त्यागी, जगतपुर चौकी प्रभारी केपी सिंह और रुहेलखंड चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता चीता मोबाइल को लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घेराबंदी कर विमल गुप्ता को दबोच लिया। उसके पास से तमंचा और काले रंग की पल्सर बाइक बरामद हुई है। प्रभारी निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बाकी अभियुक्तों को भी पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
दरोगा का बेटा भी हो गया अंदर
बदायूं में तैनात एक दरोगा के बेटे और उसके दोस्त को भी फायरिंग के चक्कर में आधा घंटा हवालात में गुजराना पड़ा। दरोगा का शहर में डोहरा मोड़ पर मकान है। वह बदायूं के एक थाने में एसओ हैं। उनका परिवार अभी पुलिस लाइंस में ही रह रहा है। नये मकान में शिफ्ट नहीं हुआ है। फायरिंग की घटना में दीवान ने एसओ साहब के बेटे और उसके दोस्त को भी जीप में बैठा लिया। वह बताता रहा कि उसका झगड़े से कोई लेना-देना नहीं है। उसने पिता का परिचय भी दिया, लेकिन दीवान ने उसकी एक नहीं सुनी और हवालात में डाल दिया। इसके बाद उसने एसएसआई सुरेश कुमार सिंह को अपनी बात बताई। इस पर एसएसआई ने उसे और उसके दोस्त को छुड़वा दिया।