बरेली। रोने या चौंकने पर प्यार भरी थपकी देकर उसे चुप करा दिया जाता है। भूख लगती है तो दूध भी पिला दिया जाता है। लेकिन, लाख टके का सवाल यह है कि मां की कमी कैसे पूरी हो। यह चिंता हर उस शख्स की है जो जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती लावारिस हालत में मिली बच्ची की देखभाल में लगा है। का। जहां लावारिस अवस्था में मिली नवजात बच्ची को भर्ती किया गया है। हर कोई अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, लेकिन मां की जिम्मेदारी कौन निभाए यह सवाल अभी बना हुआ है। अफसर भी अभी कोई ऐसा प्रयास नहीं कर रहे, जिससे बच्ची को मां मिल सके।
बता दें कि मंगलवार को चौपला चौराहे पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। उसे जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। इसके बाद से अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ बारी-बारी से उसकी जांच कर रहे हैं। नर्सें भी बराबर उसकी देखभाल कर रही हैं। यहां तक कि महिला पुलिस कर्मी भी यह जिम्मेदारी निभा रही हैं। नर्सों ने बताया कि सब कुछ तो ठीक है, लेकिन इतनी छोटी बच्ची को मां की जरूरत है। यह कमी कैसे पूरी होगी। उधर, इंस्पेक्टर कोतवाली मोहम्मद बाबर ने सीएमओ को बच्ची की देखभाल के लिए चिट्ठी लिखा। सीएमओ ने यह पत्र सीएमएस को बढ़ा दिया। सीएमएस ने नर्स को बच्ची का ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।