बरेली। बिथरी चैनपुर ब्लाक के उदयपुर और जसरथपुर गांव के उठाऊ शौचालय आखिरकार खुद डीपीआरओ को ध्वस्त कराने पड़े। पुलिस फोर्स के साथ अपनी टीम लेकर दोनों गांव पहुंचे डीपीआरओ ने डेढ़ सौ से ज्यादा शौचालय गिरवा दिए। उदयपुर में कुछ महिलाओं ने शौचालय तोड़ने का विरोध किया लेकिन अफसरों ने जब उनसे सरकार की ओर से स्वच्छ शौचालय का निर्माण कराने का वायदा किया तो वह मान गईं। उड़ला जागीर में विरोध करने वालों को पुलिस ने बैठा लिया और तभी छोड़ा जब सारे शौचालय तोड़ दिए गए।
सुबह साढ़े 11 बजे से दोपहर दो बजे तक उदयपुर जसरथपुर में चले अभियान में करीब सौ शौचालय तोड़े गए। उड़ला में शाम साढ़े पांच बजे तक 60 शौचालयों को ध्वस्त किया गया। डीपीआरओ टीसी पांडेय ने शौचालय तुड़वाने के लिए अपने साथ 40 पंचायत सफाई कर्मियों की टीम ले गए थे। शौचालयों को तोड़ते वक्त बिथरी चैनपुर के इंस्पेक्टर अजीत सिंह और पांच उपनिरीक्षकों के अलावा फोर्स भी मौजूद रहा।
पंचायत राज विभाग की टीम ने गांव वालों को भविष्य में मैला उठवाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि अब अगर कोई मैला उठवाते या उठाते पाया गया तो उसे जेल जाने के साथ जुर्माना भी भरना पड़ेगा। बता दें कि गांवों में मैला उठाने का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया था। इसके बाद कमिश्नर और डीएम ने पंचायत राज विभाग को कसा था। उदयपुर और उड़ला गांवों में मैला उठवाने और उठाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
---------
वर्जन...
दोनों गांवों में सारे उठाऊ शौचालय ध्वस्त करा दिए गए हैं। कुछ लोगों ने खुद शौचालय गिरा लिए थे। इन गांवों में अगर कोई उठाऊ का मामला संज्ञान में फिर आया तो ऐसे लोगों को जेल भिजवाया जाएगा। अब जिले के बाकी गांवों में भी उठाऊ शौचालय ध्वस्त कराए जाएंगे। -टीसी पांडेय, डीपीआरओ