बरेली। मनरेगा के तहत पिछले वित्तीय वर्षों में कराए गए कार्यों की सच्चाई और खर्च किए पैसे का आकलन करने के लिए सोशल आडिट की टीम अब गांव-गांव जाएगी। आडिट का पहला चरण 11 जुलाई से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलेगा। इसका शेड्यूल तैयार कर लिया गया है।
पहले चरण में 363 गांवों में सोशल आडिट होगा। इसके लिए 587 वर्करों की टीम लगाई गई है। इन्हें पिछले दिनों आडिट के लिए प्रशिक्षण दिया गया था।इस साल से ग्राम पंचायतों में खुली बैठक में ही मनरेगा का सोशल आडिट कराने का प्रावधान किया गया है। इसमें ग्रामीणों को मनरेगा कार्यों के बाबत अपनी-अपनी बात कहने का मौका भी दिया जाएगा। इस मौके पर प्रधान, ग्राम विकास और ग्राम पंचायत अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। मनरेगा में कराए गए कार्यों के घपले उजागर होने की संभावना के चलते ही सोशल आडिट निदेशालय ने आडिट के दौरान पुलिस की ड्यूटी लगवाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए संबंधित गांवों के पुलिस थाने को बीडीओ पत्र लिखेंगे। सोशल आडिट की जिला कोआर्डिनेटर दीप्ति यादव ने बताया कि आडिट के दौरान मनरेगा से संबंधित सारा रिकार्ड प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी प्रधान और कार्यदायी संस्थाओं की होगी।