बरेली। भोजीपुरा एसओ और उरई में तैनात एक दरोगा को कोर्ट ने कुर्की और गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश क्या दिया दोनों की अकड़ ढीली हो गई। दोनों बुधवार को कोर्ट में हाजिर हुए और गलती के लिए माफी भी मांगी। दरोगा को शाम तक न्यायिक अभिरक्षा में रहना पड़ा।
बहेड़ी के हरहरपुर गांव में नत्थूलाल के गन्ने के खेत में 19 जनवरी 2010 को गर्दन कटा शव मिला था। शव की शिनाख्त जिला रामपुर के पजाया गांव के परमानंद के रूप में हुई थी। मृतक के भाई तिरखा राम ने दामाद प्रेम शंकर के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कोतवाली बहेड़ी में दर्ज कराई थी। इस मामले का मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन की कोर्ट में चल रहा है। सरकारी वकील सुरेश बाबू साहू ने वादी समेत सभी गवाहों को पेश कर दिया था लेकिन विवेचक रहे दरोगा दीनानाथ भास्कर की गवाही होनी रह गई थी। दीनानाथ इस समय उरई जनपद में तैनात हैं। कई तारीखें गुजर जाने के बाद वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की का आदेश जारी किया। कोर्ट ने डीजीपी को 20 जून को आदेश दिया था कि दरोगा को गिरफ्तार कराकर पेश करें। बुधवार को कोर्ट पहुंचे दरोगा दीनानाथ भास्कर को शाम तक न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया। बाद में सशर्त माफी मांगने पर रिहा किया गया। गवाही के लिए अगली तारीख तीन जुलाई तय की गई है।
उधर, बलात्कार के मुकदमे में आरोपी का गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद कोर्ट में हाजिर न करना भोजीपुरा एसओ सिकंदर सिंह को महंगा पड़ा। अपर सत्र न्यायाधीश 12 जैगम उद्दीन ने एक जुलाई को एसओ की गिरफ्तारी का आदेश एसएसपी को दिया था। एसओ भी बुधवार को कोर्ट में हाजिर हो गए। उन्होंने आरोपी की मृत्यु हो जाने की रिपोर्ट पेश की और माफी मांगी। कोर्ट ने माफीनामा लिखाकर भविष्य में दोबारा गलती न करने की चेतावनी भी दी।