बरेली। रमजान पर बिजली-पानी की किल्लत न होने देने के वायदे पहले ही दिन हवा-हवाई हो गए। पहली ही सहरी अंधेरे में गुजरी। शाम को इफ्तार के वक्त भी बमुश्किल 15 मिनट बिजली रही। रोजेदारों को पूरे दिन पानी का भी संकट झेलना पड़ा।
रात एक बजे बिजली गई तो सुबह तक नहीं आई। रात दो से 3.38 बजे तक सहरी का वक्त रहा। रोजेदारों को अंधेरे में ही सहरी खानी पड़ी। सुबह बिजली आई मगर थोड़ी देर बाद फिर गुल हो गई। दोपहर से शाम तक फिर यही हाल रहा। इफ्तार के वक्त शाम 7.05 बजे लाइट आई मगर 7.17 पर रोजा खुलने के तीन मिनट बाद ही चली गई। फिर रात 8.05 बजे आकर पांच मिनट बाद गुल हो गई। लिहाजा रोजा खोलने के बाद रोजेदार न तो चैन से खाना खा सके न उन्हें आराम मिला। पुराने शहर के अलावा बिहारीपुर, सौदागरान, कसगरान, मलूकपुर, जसोली जखीरा समेत मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों में काफी गुस्सा भी दिखा। जमात रजा मुस्तफा के महासचिव मौलाना शहाबउद्दीन रजवी ने कहा कि पीस कमेटी के मीटिंग में नगर आयुक्त और बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से वादा लेकर डीएम ने भरोसा दिलाया था कि रमजान में बिजली पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाएगी लेकिन पहले ही दिन यह व्यवस्था आम दिनों से भी बदतर रही।