बरेली। दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए आपका थोड़ा सा जज्बा हमारे प्रयासों को गति दे सकता है। आप स्वैच्छिक रक्तदान करके महादानी बन जाएंगे। सच यह है कि आपके एक बार रक्त देने से चार-चार जिंदगियां मौत के आगोश में जाने से बच सकती हैं। इस सामाजिक दायित्व को निभाने के लिए आपको बस अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान जागरूकता अभियान में हमारे साथ खड़ा होना होगा।
दस जून से आईएमए ब्लड बैंक में आयोजित महा अभियान का मकसद स्वैच्छिक रक्तदान करके खून की कमी को कम करना है। प्रयास है कि कि खून की कमी से किसी की जान नहीं जाए। स्वैच्छिक रक्तदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए हमें आपका साथ चाहिए। आपके एक बार दिए खून से चार जिंदगी आसानी से बचाई जा सकती हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ब्लड बैंक की डा. अंजू उप्पल का ऐसा दावा है। उनका कहना है कि एडवांस मेडिकल साइंस के दौर में एक यूनिट खून को ब्लड सेपरेटर मशीन से चार अलग अलग हिस्सों में बांट दिया जाता है, जिससे चार अलग अलग लोगों में इस रक्त को देकर उनका जीवन बचाया जा सकता है।
आप भी इस अभियान का हिस्सा बन कर किसी जरूरतमंद को जीवन दे सकते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन सभी प्रतिभागियों को डोनर कार्ड देगा। आईएमए ऐसे लोगों को जरूरत पड़ने पर बिना डोनेट किए रक्त उपलब्ध कराता है। अधिक जानकारी के लिए आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं- संदीप कुमार 895486380 और सरफराज-9675812483
कौन कर सकता है रक्तदान:
स्वैच्छिक रक्तदाता स्वस्थ्य हो
18 से 60 वर्ष उम्र हो
शारीरिक वजन 45 किग्रा से कम नहीं हो
हीमोग्लोबिन 12.5 ग्राम हो
आखिरी रक्तदान तीन माह पहले किया हो
रक्तदान के लाभ
शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है
पहले होने वाली जांच से खून की स्थिति पता चल जाती है
साल में एक बार रक्तदान नहीं करने पर खून का दान करने योग्य अंश स्वत: नष्ट हो जाता है।
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यह हैं शहर के महादानी
आज से इस कालम में सबसे ज्यादा रक्तदान कर चुके लोगों के सिंगल कालम फोटो देकर नए स्वैच्छिक डोनर को मोटिवेट करने का प्रयास रहेगा। हर फोटो के साथ तीन लाइनों में महादानी का परिचय भी होगा।