बरेली। बहेड़ी में 70.468 हेक्टेयर क्षेत्रफल की शत्रु संपत्ति वाली जमीन में से 4.857 हेक्टेयर (10 एकड़ से अधिक) जमीन एसडीएम ने जिला स्तर पर किसी सक्षम अधिकारी को सूचित किए बिना ही वहां काबिज होने का दावा करने वाली दो बहनों के नाम कर दी। प्रकरण संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी की ओर से शत्रु संपत्ति मामलों के प्रभारी एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने एसडीएम के आदेश को रद्द कर उन्हें इस जमीन का रिस्टोरेशन करने का आदेश दिया है ताकि शत्रु संपत्ति अपरिवर्तित रहे। इस प्रकरण में वहां के एसडीएम को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना गया है और कार्रवाई की प्रक्रिया अभी तय की जा रही है।
बताया गया कि शत्रु संपत्ति के कस्टोडियन का कार्यालय मुंबई में है। जिले में यह सीधे डीएम के अधीन होता है। शत्रु संपत्ति के बारे में कोई भी फैसला डीएम के स्तर पर विधिक अनुमति के बिना नहीं लिया जा सकता। इस मामले में इसकी सीधे तौर पर अनदेखी हुई। यह संपत्ति काफी पहले भारत छोड़कर पाकिस्तान में जाकर बसे हबीब अहमद के बेटे विशाल अहमद के नाम है। यह बहेड़ी तहसील के गांव सिंगाथी में है। इस पर बरेली शहर के सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली तरन्नुम अख्तर और तबस्सुम अख्तर ने गत 20 साल से अपना कब्जा होने का दावा करते हुए तहसीलदार बहेड़ी के यहां कब्जे वाला भूभाग अपने नाम दर्ज कराने का आवेदन दिया था। वहां वाद दर्ज नहीं हुआ और बाद में गत 17 फरवरी को तत्कालीन एसडीएम शमशाद हुसैन ने अपने यहां वाद स्वीकृत कर इनके नाम उक्त भूभाग दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया था। सोमवार को एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने स्पष्ट किया कि करीब 160 एकड़ से भी ज्यादा भूभाग वाली इस शत्रु संपत्ति पर हुए सभी अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।